डीएपी खाद के लिए त्राहि-त्राहि: बारिश में घंटों लाइन में खड़े रहे किसान, 300 बोरी भी पड़ी कम
चंदौली के शहाबगंज स्थित खरौझा सहकारी समिति पर एक पखवारे बाद पहुंची महज 300 बोरी डीएपी खाद बारिश में लाइन में खड़े आधे किसानों को भी नहीं मिल सकी। निराश किसान महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
शहाबगंज में डीएपी खाद के लिए लगी लंबी लाइन
15 दिन बाद आई 300 बोरी डीएपी भी पड़ी कम
भारी बारिश के बावजूद घंटों कतार में खड़े रहे किसान
बिना खाद लिए बैरंग लौटने को मजबूर हुए किसान
खुले बाजार से महंगी खाद खरीदने की लाचारी
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी होने के बाद फसलों के लिए डीएपी (DAP) खाद की मांग बहुत तेजी से बढ़ गई है। खाद की भारी किल्लत के कारण स्थानीय किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति खरौझा पर डीएपी खाद आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में किसान समिति परिसर पहुंचे।
लगभग 15 दिनों के लंबे इंतजार के बाद समिति पर केवल 300 बोरी डीएपी ही पहुंच सकी थी। खाद मिलने की आस में किसान तेज बारिश की परवाह किए बिना सुबह नौ बजे से ही समिति पर कतार लगाकर खड़े हो गए। देखते ही देखते समिति के बाहर किसानों की काफी लंबी लाइन लग गई।
आधे से ज्यादा किसानों को बिना खाद के ही लौटना पड़ा
किसानों की भीड़ और मांग इतनी ज्यादा थी कि समिति पर उपलब्ध 300 बोरी डीएपी कुछ ही देर में खत्म हो गई। खाद का स्टॉक खत्म होते ही वितरण रोक दिया गया, जिससे घंटों बारिश में भीगते हुए लाइन में खड़े आधे से अधिक किसानों को खाली हाथ ही अपने घर वापस लौटना पड़ा। घंटों इंतजार करने के बाद भी डीएपी न मिलने से किसानों में गहरी निराशा और भारी गुस्सा देखने को मिला। किसानों ने प्रशासन से खाद की पर्याप्त आपूर्ति कराने और वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने की जोरदार मांग की है।
खुले बाजार में महंगे दामों पर खाद खरीदने की मजबूरी
पीड़ित किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद खेतों में खाद डालना बेहद जरूरी है, वरना पूरी फसल की पैदावार प्रभावित हो जाएगी। समिति से खाद न मिलने पर किसानों को मजबूरी में खुले बाजार का रुख करना पड़ रहा है, जहां दुकानदार मनमाने और ऊंचे दामों पर डीएपी और यूरिया बेच रहे हैं।
समिति अध्यक्ष ने अगली खेप जल्द मंगवाने का दिया आश्वासन
इस मामले पर बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति खरौझा के अध्यक्ष श्रीकांत कुशवाहा ने बताया कि समिति में आई 300 बोरी डीएपी को किसानों के बीच निष्पक्षता से बांट दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की भारी मांग को देखते हुए डीएपी की अगली खेप मंगाने के लिए दोबारा चेक लगा दिया गया है। जैसे ही खाद की नई सप्लाई समिति पर पहुंचेगी, तुरंत किसानों के बीच उसका वितरण शुरू कर दिया जाएगा।