जिला विकास अधिकारी ने की मनरेगा की सोशल ऑडिट, बोर्ड मिले गायब
ऑडिट के दौरान खुली कई गड़बड़ियों की पोल
जांच में मिली गड़बड़ी को दूर करने का दिया निर्देश
बिना बोर्ड लगाए लिया गया बोर्ड का पैसा
चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड में जिला विकास अधिकारी सपना अवस्थी की अध्यक्षता में ब्लाक सभागार में सोमवार को सोशल आडिट को लेकर सचिव, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक के साथ समीक्षा की गयी। कई गांवों में मिली गड़बड़ियों को दूर कराने के निर्देश के साथ कई गांवों के रिकवरी के मामले की जांच की गयी।
बताया जा रहा है कि इस दौरान एक ओर जहां सोशल आडिट टीम द्वारा पेश की गई। तो दूसरी ओर रिपोर्ट के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट एकत्रित की गयी। इस दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ी बोर्ड को लेकर मिली। कार्य कराने के बाद कहीं भी सही तरीके से सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया था, जबकि बोर्ड का भुगतान ले लिया गया था। इनके अलावा मनरेगा मजदूरों के खाते में 100 दिन से अधिक का मजदूरी चली गयी थी। ऐसी सभी ग्रामपंचायतों ने रिकवरी धनराशि जमा कर दिया था।
समीक्षा के दौरान 50 ग्राम पंचायतों ने अपनी-अपनी पत्रावली जमा कर दिया है। शेष ग्रामपंचायतों को भी आपत्ति के आधार पर रिपोर्ट बनाकर पेश करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कार्य स्थल पर बिना सूचना बोर्ड लगाए कार्य प्रारंभ न किया जाय। जांच के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर सम्बन्धित सचिव, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
इस अवसर पर सोनिया यादव, बीडीओ दिनेश सिंह, एडीओ कोआपरेटिव सुनिल राज पाल, एडीओ आईएसबी अजय सिंह, एपीओ राजन सिंह ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र भारती राजेंद्र प्रसाद राम प्रकाश राम राहुल कुमार गौतम सहित आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।