चकिया में डायरिया का प्रकोप, दूषित पानी से 24 लोग बीमार
डोड़ापुर और करवदिया गांव में फैल रही बीमारी
बदलते मौसम ने बढ़ाई संक्रमण की संभावना
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने दी सावधानी की चेतावनी
उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बरतने की अपील
चंदौली जिले में बदलते मौसम और दूषित पानी ने चकिया क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप फैला दिया है। करवदिया और डोड़ापुर गांवों में दो दर्जन से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं। सूचना मिलते ही, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने तुरंत गांवों का दौरा किया, जहां मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और दवाइयां बांटी गईं। वहीं, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गलियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया गया।
डोड़ापुर में कई परिवार प्रभावित
डोड़ापुर गांव में डायरिया का संक्रमण तेजी से फैला। मोहन राम की चार बेटियों, सोनम, सोनाली, पूनम और नेहा के अलावा उनके बेटे अंश को भी उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। इसी तरह, ओमप्रकाश की पत्नी सुनीता और उनके बेटे विशाल और वीरू भी बीमार हो गए। प्रकाश के बेटे राम सुधार और कन्हैया खरवार की बेटी बेबी भी इस बीमारी से प्रभावित हुईं। गंभीर हालत वाले सभी मरीजों को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
करवदिया में दूषित पानी बना वजह
करवदिया गांव में भी स्थिति गंभीर है। यहां दूषित पानी को डायरिया फैलने का मुख्य कारण माना जा रहा है। जोगिंदर, रूबी, शिवानी, ज्योति, आरती, संजना, अर्चना, श्यामसुंदरी, चमेला, रामकिशुन, सूरज, दिनेश, गुड़िया, प्रेमा, प्रमिला और शैलेन्द्र जैसे कई लोग बीमार हो गए। इनमें से आठ मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विकास सिन्हा ने बताया कि डोड़ापुर गांव में डायरिया फैलने का कारण संक्रमित मछली और दूषित पानी का सेवन हो सकता है। वहीं, करवदिया में भी दूषित पानी ही मुख्य वजह रही। उन्होंने कहा कि गांवों में साफ-सफाई और सुरक्षित पेयजल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे उबला हुआ पानी पिएं, खाने-पीने की चीजों को ढककर रखें और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। थोड़ी सी सावधानी से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है।
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में लगातार निगरानी रख रही है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके और अन्य लोगों को संक्रमित होने से बचाया जा सके।