इलिया इलाके में चला अतिक्रमण विरोधी अभियान : राजस्व टीम ने जेसीबी से हटवाया बंजर भूमि पर कब्जा

चंदौली के बरियारपुर गांव में राजस्व टीम ने सालों से बंजर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को जेसीबी लगाकर हटवा दिया। तहसीलदार के आदेश पर हुई इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
 

चंदौली बंजर भूमि अतिक्रमण हटाया गया


वर्षों से बंजर भूमि पर था अवैध कब्जा


इलिया में सरकारी जमीन कब्जा मुक्त


राजस्व टीम ने दी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी

चंदौली जिले के इलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में राजस्व टीम ने सोमवार को गांव की बंजर भूमि पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। यह अतिक्रमण विरोधी अभियान (Anti-encroachment drive) अवैध अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मचाने वाला साबित हुआ। बरियारपुर गांव के करमेदी मौजा स्थित आराजी संख्या 139, जिसका रकबा 0.086 हेक्टेयर है, वह सरकारी बंजर भूमि थी। इस भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा वर्षों से कच्ची दीवार बनाकर पशु बांधने और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की व्यवस्था कर रखी थी।

 तहसीलदार के आदेश पर हुई सख्ती
इस अवैध कब्जे को लेकर चकिया के तहसीलदार द्वारा पिछले दिनों बेदखली का आदेश (Eviction Order) दिया गया था। बावजूद इसके, गांव के कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण जारी रखा गया था और वे जमीन छोड़ने को तैयार नहीं थे। तहसीलदार के आदेश के क्रम में, सोमवार को नायब तहसीलदार मोहम्मद आरिफ के नेतृत्व में राजस्व टीम भारी पुलिस बल (Heavy Police Force) के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने बिना किसी देरी के पूरी जमीन को जेसीबी मशीन (JCB Machine) लगाकर समतल करा दिया।

 विरोध टालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध या अप्रिय घटना न हो, इसके लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी ने अतिक्रमणकारियों को किसी भी तरह की बाधा डालने से रोका। राजस्व टीम ने अतिक्रमण हटाने के बाद कब्जाधारियों को दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी है।

अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू
नायब तहसीलदार मोहम्मद आरिफ ने बताया कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध नियमित राजस्व कार्यवाही (Regular Revenue Proceedings) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।