BDO साहब...भीषण गर्मी में प्यासे हैं यहां के ग्रामीण, इलिया में खराब हैंडपंपों को लेकर फूटा आक्रोश

 

चंदौली के इलिया कस्बे में भीषण गर्मी के बीच गहराया पेयजल संकट। खराब पड़े हैंडपंपों और प्रशासनिक अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने चिलचिलाती धूप में किया प्रदर्शन। जानें क्या है पूरा मामला और क्यों मजबूर हुए ग्रामीण आंदोलन को।

 
 

इलिया कस्बे की दलित बस्ती में पेयजल संकट

44 डिग्री सेल्सियस तापमान में बूंद-बूंद को तरसते लोग

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हैंडपंप दो साल से खराब

ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की बड़ी चेतावनी

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कोई प्रशासनिक कार्रवाई

चंदौली जिले में नौतपा जैसी तपिश के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इलिया कस्बा अंतर्गत दलित बस्ती सहित विभिन्न मोहल्लों में हैंडपंपों के खराब होने से लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर चिलचिलाती धूप में सड़क पर उतरकर प्रशासन के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

भीषण गर्मी और प्रशासनिक संवेदनहीनता
इन दिनों क्षेत्र का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसी जानलेवा गर्मी में पेयजल संकट ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कस्बे के कई मोहल्लों में लगे हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग चैन की नींद सो रहा है। विशेष रूप से दलित बस्ती में पिछले तीन महीनों से मुख्य हैंडपंप खराब है, जिसके कारण बस्तीवासियों को भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य केंद्र और मंदिरों में भी पानी का अकाल
पानी की किल्लत केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगा हैंडपंप पिछले दो वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़ा है। यहाँ आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को पीने के पानी के लिए बाहर भटकना पड़ता है। इसके अलावा, राम जानकी मंदिर और वनवासी बस्ती के पास लगे हैंडपंप भी महीनों से बंद हैं। कस्बे में करीब आधा दर्जन सरकारी हैंडपंप मरम्मत के अभाव में कबाड़ बन चुके हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को 200 मीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायत के बावजूद अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एकलाख जिद्दी, कमलेश, चिरकुट और अशोक कुमार ने कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी हमें संघर्ष करना पड़ रहा है। इस दौरान सुमन देवी, सुनीता देवी, भगवंती देवी, श्यामबिहारी राम और महेंद्र कुमार समेत दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि 48 घंटे के भीतर व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो वे तहसील मुख्यालय का घेराव करेंगे।