बिजली संकट पर फूटा अन्नदाताओं का गुस्सा: इलिया विद्युत उपकेंद्र पर किसानों का जोरदार धरना, रूट बदलने की उठी मांग

 

चंदौली के इलिया विद्युत उपकेंद्र पर किसान विकास मंच ने लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया। किसानों ने बिजली के तार जंगल से हटाकर सड़क मार्ग से लाने और क्षमता बढ़ाने की पुरजोर मांग की।

 
 

इलिया पावर हाउस पर महाधरना

10 MVA नए ट्रांसफार्मर की मांग

बिजली का रूट बदलने की चेतावनी

रोपाई छोड़ धरने पर बैठे किसान

अधिकारियों को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन

 चंदौली जिले के इलिया क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से तंग आकर आखिरकार किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान विकास मंच के बैनर तले शनिवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने जंगलपुर स्थित 33/11 केवी इलिया विद्युत उपकेंद्र पर एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धान की रोपाई के बेहद व्यस्त सीजन में भी किसान अपना कामकाज छोड़कर हक की लड़ाई के लिए पावर हाउस पर डटे रहे।

जंगल के रास्ते से बिजली रूट बदलने की उठी मांग
धरने के दौरान किसानों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। किसान विकास मंच के नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में धड़ल्ले से नए कनेक्शन तो बांटे जा रहे हैं, लेकिन पावर हाउस की क्षमता को उस अनुपात में नहीं बढ़ाया गया। इसके अलावा, इलिया उपकेंद्र की बिजली चकिया के घने जंगलों और खेतों से होकर आती है, जिससे तेज आंधी या मामूली बारिश में भी पेड़-पौधों के टकराने से लाइन बराबर डिस्टर्ब हो जाती है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इस रूट को डायवर्ट कर बिजली के तारों को मुख्य सड़क मार्ग से लाया जाए।

10 MVA के नए ट्रांसफार्मर पर अड़े किसान
मंच के प्रवक्ता जय नाथ सिंह ने कहा कि इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही जिलाधिकारी चंदौली, चकिया विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह को भी आवेदन दिया जाएगा। वहीं, संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि यह लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी जब तक सब-स्टेशन पर नया 10 MVA का भारी क्षमता वाला ट्रांसफार्मर नहीं लगा दिया जाता। इस दौरान किसानों ने 'किसान एकता जिंदाबाद' और 'इलिया पावर हाउस की क्षमता बढ़ाओ' के गगनभेदी नारे लगाए।

इंजीनियरों ने दिया आश्वासन, धरना समाप्त
घेराव की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के सहायक अभियंता (AE) अजय सिंह और अवर अभियंता (JE) विनोद यादव मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिया कि वे इस वाजिब मांग और रूट डायवर्जन के प्रस्ताव से शासन को अवगत कराएंगे और जल्द से जल्द बजट आवंटन करने की मांग करेंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुन्नन पांडेय ने की और संचालन राम अवध सिंह ने किया।

इस मौके पर मुख्य रूप से जवाहरलाल यादव, इकलाख अहमद, सुरेश मौर्य, इंद्रदेव यादव, जुल्मी तिवारी, चंद्रशेखर सिंह, मलिक चौबे, अवध नारायण सिंह, यशवंत सिंह, प्रेम गिरी, श्री प्रकाश मौर्य, बंशलोचन मौर्य, अशोक कुमार द्विवेदी, नंदलाल मौर्य, विकेश सिंह, विजय शंकर सिंह, अमन सिंह, अनिल मौर्य, वीरेंद्र कुमार मौर्य, अनिल पांडे, श्याम सुंदर, रमेश पांडेय, राघवेंद्र सिंह, पप्पू सिंह, दीनदयाल सिंह, दयाराम, लक्ष्मण सिंह, जमुना सिंह, गोकुल पांडे और जगदीश मौर्य सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।