हड़ौरा गांव में गिरे कच्चे मकान में घायलों का हाल जानने पहुंचे पूर्व विधायक जितेन्द्र कुमार

जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में प्रभावित लोगों की मदद करना न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि समाज का भी नैतिक दायित्व है।
 

 हड़ौरा गांव में बारिश से गिरा था मकान

मकान में दबकर कई लोग हुए थे घायल

पूर्व विधायक ने दिया पीड़ित परिवार को भरोसा

चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी क्रम में शहाबगंज विकास खंड के हड़ौरा गांव में एक कच्चा रिहायशी मकान गिरने की घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। इस हादसे में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गुरुवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार एडवोकेट मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

पूर्व विधायक ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और घायलों के बेहतर इलाज के लिए तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क साधा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी घायलों को निशुल्क दवा और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से वार्ता कर पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने तथा गिरे हुए मकान की जगह पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की।

जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में प्रभावित लोगों की मदद करना न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि समाज का भी नैतिक दायित्व है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि बरसात से क्षतिग्रस्त सभी मकानों का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री व आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।

पूर्व विधायक के इस संवेदनशील कदम की ग्रामीणों ने सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके आने से पीड़ित परिवार को न केवल राहत मिली, बल्कि हिम्मत और भरोसा भी मिला है। इस मौके पर पूर्व प्रधान वीरेंद्र प्रजापति, कमलाराम, मदन कुमार, शमशेर, विजय प्रकाश सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रशासनिक तत्परता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता कितनी आवश्यक होती है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही आवश्यक कदम उठाकर पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाएगा।