शिकारगंज क्षेत्र में धान की रोपाई पर संकट! 1954 में बनी भोका बंधी की जर्जर दीवारें और खराब गेट खोल रहे हैं दावों की पोल
शिकारगंज की भोका बंधी के जर्जर गेटों के चलते इस बार धान की रोपाई पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। किसान विकास मंच ने बंधी डिवीजन की खानापूर्ति वाली मरम्मत के खिलाफ कलेक्ट्रेट में बड़ा आंदोलन शुरू करने की खुली चेतावनी दी है।
किसान विकास मंच ने किया बंधी का निरीक्षण
सन 1954 में बने थे बंधी के गेट
चारों गेट के पटरे बेहद जर्जर हालत में
पानी बहाए जाने से धान रोपाई पर संकट
कलेक्ट्रेट में मोर्चा खोलने की बड़ी चेतावनी
चंदौली जिले के शिकारगंज क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की ऐतिहासिक भोका बंधी के गेटों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बंधी के अंदर प्रवेश कर स्थिति का जायजा लिया, जहां बंधी की अंदरूनी दीवारें पूरी तरह जर्जर और खोखली नजर आईं। इस लापरवाही से क्षेत्र के किसानों की फसलों पर संकट मंडराने लगा है।
1954 के बने गेट और प्रशासन की लापरवाही
आपको बता दें कि इस भोका बंधी के गेटों का निर्माण वर्ष 1954 में कराया गया था। वर्तमान समय में बंधी के चारों गेटों के पटरे पूरी तरह खराब हो चुके हैं। किसान विकास मंच के प्रमुख नेता सरोज कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर बंधी डिवीजन के आला अधिकारियों से कई बार वार्ता की है। हालांकि, बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता का कहना है कि सिर्फ दीवारों की सामान्य रिपेयरिंग करा दी जाएगी, जिस पर किसान संगठन ने कड़ा ऐतराज जताया है।
धान की रोपाई और सिंचाई पर बड़ा संकट
किसान नेता सरोज कुमार ने आरोप लगाया कि बंधी के गेटों को ठीक करने के नाम पर वर्तमान में बंधी का कीमती पानी बेवजह बहाया जा रहा है। पानी की इस बर्बादी के कारण आगामी धान की रोपाई के समय किसानों को पानी की भारी किल्लत और संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी विभाग द्वारा बेहद आधी-अधूरी मरम्मत कराई गई थी, जिसका कोई लाभ किसानों को नहीं मिला और बंधी से लगातार पानी का रिसाव होता रहा।
पिछले साल भी हुआ था भारी नुकसान, आंदोलन की चेतावनी
किसानों के अनुसार, बंधी का गेट नंबर तीन तो पिछले सीजन में पूरा बंद ही नहीं हो पा रहा था। इसके चलते धान की कटाई और गेहूं की बुआई के समय खेतों में पानी भरने से भारी व्यवधान आया और फसलों का भारी नुकसान हुआ था। किसानों ने मांग की है कि बंधी डिवीजन को चाहिए कि वह इस बार गहरी खुदाई कराकर बंधी की नई जुड़ाई करे और वहां आधुनिक नए चैनल गेट लगाए। अगर इस बार भी सिर्फ लीपापोती और खानापूर्ति की गई, तो किसान विकास मंच जिलाधिकारी कार्यालय के सम्मुख कलेक्ट्रेट परिसर में बंधी डिवीजन के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोलेगा। इस निरीक्षण और विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सरोज कुमार यादव, सुनील पटेल, प्रदीप सिंह, प्रवीण यादव और अरविंद यादव सहित दर्जनों किसान शामिल रहे।