चकिया के फिरोजपुर में सड़क पर टहलता दिखा 8 फीट लंबा मगरमच्छ, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
चंदौली के फिरोजपुर गांव में सड़क पर करीब 8 फीट लंबा मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया। पिछले 2 वर्षों से यह वन विभाग की टीम को चकमा दे रहा है।
फिरोजपुर गांव की सड़क पर दिखा विशाल मगरमच्छ
8 फीट लंबे मगरमच्छ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
पिछले दो वर्षों से पोखरे में दे रहा दिखाई
पिछले साल जाल बिछाने पर भी नहीं आया पकड़ में
वन विभाग से सुरक्षित रेस्क्यू करने की मांग
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिला स्थित चकिया तहसील क्षेत्र के सुदूर पहाड़ी गांव फिरोजपुर में इन दिनों एक विशाल मगरमच्छ को लेकर दहशत का माहौल है। गांव की मुख्य सड़क पर अचानक करीब आठ फीट लंबा मगरमच्छ विचरण करता हुआ दिखाई दिया। सड़क पर आराम से घूमते इस खतरनाक जीव को देखकर राहगीरों और ग्रामीणों के होश उड़ गए। वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल से इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
2 साल से इलाके में बना है खौफ का कारण
ग्रामीणों का कहना है कि यह मगरमच्छ पिछले करीब दो वर्षों से गांव के पोखरे और आसपास के जलस्रोतों में देखा जाता रहा है। कई बार वह पानी से निकलकर आबादी वाले इलाकों की तरफ भी आ जाता है। सड़क पर इतने बड़े मगरमच्छ का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बहुत ज्यादा बढ़ गई है। सुदूर पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण लोगों को आवाजाही के दौरान बेहद सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
वन विभाग को लगातार दे रहा है चकमा
स्थानीय निवासियों का बताना है कि उन्होंने मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना कई बार वन विभाग को दी है। पिछले साल वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने के लिए गांव के पोखरे में कई बार जाल भी बिछाया था, लेकिन हर बार यह मगरमच्छ चकमा देकर निकल भागने में सफल रहा। वन विभाग की ढिलाई और मगरमच्छ की लगातार मौजूदगी के कारण गांव वाले हर वक्त किसी बड़े हादसे के डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षित रेस्क्यू की गुहार
सड़क पर मगरमच्छ के सरेआम घूमने की घटना के बाद गांव में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग के बड़े अधिकारियों से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द एक विशेषज्ञ टीम भेजकर इस विशाल मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाए और उसे गांव की आबादी से दूर किसी सुरक्षित प्राकृतिक स्थान या नदी में छोड़ा जाए, ताकि लोग बिना किसी डर के अपने घरों से बाहर निकल सकें।