चकिया के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी बेचू राम का निधन, बीआरसी पर गमगीन माहौल में शिक्षकों ने दी श्रद्धांजलि

 

चकिया के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी बेचू राम के आकस्मिक निधन से शिक्षा जगत स्तब्ध है। बीआरसी चकिया पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शिक्षकों ने उनकी सेवाओं को याद करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।

 
 

पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी का दुखद निधन

बीआरसी चकिया में आयोजित शोक सभा

दो मिनट का मौन रख दी श्रद्धांजलि

शिक्षा क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त

चंदौली जिले में चकिया के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी बेचू राम के निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को बड़ी संख्या में शिक्षक बीआरसी चकिया परिसर में एकत्र हुए और शोक सभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक सभा में वक्ताओं ने कहा कि बेचू राम वर्ष 1994 से 2002 तक चकिया विकास खंड में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके कार्य करने की शैली बेहद सरल और पारदर्शी थी, जिससे शिक्षक वर्ग के बीच उनकी एक अलग पहचान थी।

शिक्षकों ने कहा कि वे एक सरल, सहज, ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और व्यवहारकुशल अधिकारी थे। अपने मिलनसार स्वभाव और प्रशासनिक दक्षता के कारण वे शिक्षकों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन से शिक्षा विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा।

इस दौरान उपस्थित शिक्षकों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों के हितों के प्रति सजग रहते थे। अंत में सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में सदानंद दुबे, नरेंद्र यादव, महेंद्र मौर्य, दिनेश मौर्य, चंद्रप्रकाश गांधी, राजीव पटेल, राम नारायण भारती, अरविंद कौशल, गुड्डू भार्गव, इमरान अली, विवेक सिंह, रामदीलास, वीरेंद्र मोहन सिंह उर्फ करंटू, ओमप्रकाश भारती, राजेंद्र सोनकर, जयप्रकाश भारती सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।