110 वर्ष की आयु में पूर्व प्रधान रामबरत सिंह का निधन, बिना दवा के लंबी उम्र पाकर की सेवा 

 

चंदौली के शहाबगंज क्षेत्र के बरांव गांव निवासी और दो बार के पूर्व ग्राम प्रधान **रामबरत सिंह** का 110 वर्ष की आयु में निधन हो गया। विकास और सामाजिक सौहार्द के लिए पहचाने जाने वाले रामबरत सिंह के निधन से पूरे जिले में शोक व्याप्त है।

 
 

110 वर्ष की आयु में निधन

दो बार रहे ग्राम सभा प्रधान 

बिना दवा के रहे हमेशा फिट

सामाजिक सौहार्द के प्रतीक थे वह

क्षेत्रीय विधायक ने जताया गहरा शोक

चंदौली जनपद के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत बरांव गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब क्षेत्र के कद्दावर व्यक्तित्व और पूर्व ग्राम प्रधान रामबरत सिंह के निधन की सूचना मिली। उन्होंने 110 वर्ष की लंबी और गौरवशाली आयु पूरी करने के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके आवास पर शुभचिंतकों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजनीतिक सफर और विकास की मिसाल
रामबरत सिंह लंबे समय तक ग्रामीण राजनीति और समाज सेवा के केंद्र बिंदु रहे। उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा; वह सबसे पहले वर्ष 1952 से 1957 तक ग्राम पंचायत ढोढ़नपुर के प्रधान रहे। इसके बाद, वर्ष 1982 से 1989 तक उन्होंने बरांव गांव के ग्राम प्रधान पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल को आज भी गांव के चहुंमुखी विकास और आपसी सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए याद किया जाता है।

स्वस्थ जीवन शैली का अद्भुत उदाहरण
110 वर्ष की आयु तक जीवित रहने वाले रामबरत सिंह आधुनिक पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। उनके पुत्र रविन्द्र नाथ सिंह ने बताया कि उनके पिता ने अपने पूरे जीवनकाल में कभी किसी दवा का सेवन नहीं किया। वह अंतिम समय तक पूरी तरह स्वस्थ रहे और चलते-फिरते हुए ही इस संसार से विदा ली। उनकी शांतिपूर्ण मृत्यु और दीर्घायु को उनके संयमित और प्राकृतिक जीवन का परिणाम माना जा रहा है।

 क्षेत्रीय नेताओं ने जताया शोक
रामबरत सिंह के परिवार की सामाजिक और राजनीतिक पहचान क्षेत्र में अत्यंत सम्मानित है। उनके पुत्र रविन्द्र नाथ सिंह भी गांव के प्रधान रह चुके हैं, जबकि वर्तमान में उनके पोते अभय कुमार सिंह मौर्य गांव के प्रधान के रूप में उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके निधन पर क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी।