पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह की पहल पर विशाल नेत्र शिविर,  700 का पंजीकरण, 200 मरीजों का होगा फ्री ऑपरेशन

 

शहाबगंज के तियरी में आयोजित भव्य निःशुल्क नेत्र शिविर में 700 ग्रामीणों की जांच की गई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कैंप में 200 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया है।

 

700 मरीजों का हुआ निःशुल्क पंजीकरण

500 जरूरतमंदों को बांटे गए मुफ्त चश्मे

200 मरीजों का वाराणसी में होगा फ्री ऑपरेशन

छत्रबली सिंह ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव-गांव पहुंचाने का संकल्प

मिथिलेश कुमार, शहाबगंज (चंदौली)। कहते हैं कि आंखों की रोशनी ईश्वर का वह वरदान है जिसके बिना संसार का हर रंग अधूरा है। इसी सेवा भाव को चरितार्थ करते हुए रविवार को शहाबगंज विकास क्षेत्र के तियरी गांव स्थित एसआरवीएस (SRVS) कृषि महाविद्यालय परिसर में एक विशाल निःशुल्क नेत्र शिविर का सफल आयोजन किया गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र के सैकड़ों जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

भारी भीड़ और विशेषज्ञों द्वारा जांच
सुबह से ही शिविर स्थल पर ग्रामीणों का तांता लगना शुरू हो गया था। जनसेवा के इस कार्यक्रम में कुल 700 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। शिविर में आधुनिक मशीनों के जरिए अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव और डॉ. ए.के. चौबे की टीम ने मरीजों की आंखों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में धूल-मिट्टी और जागरूकता की कमी के कारण आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं।

मुफ्त चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का उपचार
शिविर की सबसे खास बात यह रही कि जांच के तत्काल बाद 500 मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार निःशुल्क चश्मा प्रदान किया गया। वहीं, जांच के दौरान 200 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इन सभी चिन्हित मरीजों को ऑपरेशन के लिए वाराणसी स्थित प्रभावती नेत्र अस्पताल भेजा जाएगा, जहां उनका संपूर्ण उपचार और ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा।

"स्वस्थ आंखें आत्मनिर्भरता की नींव" – छत्रबली सिंह
इस अवसर पर मुख्य आयोजक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने कहा, "स्वस्थ आंखें केवल दृष्टि नहीं, बल्कि एक बेहतर और आत्मनिर्भर जीवन की नींव होती हैं। हमारा उद्देश्य है कि क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति धन या इलाज के अभाव में अंधकारमय जीवन जीने को मजबूर न हो।" उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर होता रहेगा, ताकि चिकित्सा सुविधाएं सीधे गांव की दहलीज तक पहुंच सकें।

विकास की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
शिविर के दौरान केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि गांव के विकास पर भी मंथन हुआ। क्षेत्रवासियों ने अपनी स्थानीय समस्याएं जैसे सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा की स्थिति को छत्रबली सिंह के समक्ष रखा। इस पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहाबगंज विकास खंड का कोई भी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा और विकास कार्यों में कोई भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।

इनकी रही महत्वपूर्ण मौजूदगी
कार्यक्रम को सफल बनाने में एसआरवीएस के डायरेक्टर श्याम जी सिंह, रतीश कुमार, मुन्नू सिंह, प्रमुख प्रतिनिधि राकेश सिंह, बनारसी सिंह और साहब सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही बाबिल सिंह, सजाऊद्दीन प्रधान, सतीश चौहान, विकास सिंह विक्कू, सोनू सिंह, अजय सिंह सपना, संतोष त्रिपाठी, उपेन्द्र पांडेय, एहसान अहमद, लव केशरी, संतोष सिंह और रामकृष्ण पांडेय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

चिकित्सकीय दल में डॉ. एस.आर. चौबे, डॉ. विनय देशमुख, डॉ. विपिन मौर्या और डॉ. आर.एस. वर्मा ने अपनी सेवाएं दीं। ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।