घोड़सारी गांव को मिलेगी बाढ़ से मुक्ति, जल निकासी रिमॉडलिंग का काम शुरू होने से किसानों में हर्ष

 

चंदौली के घोड़सारी गांव में सालों पुरानी जलभराव समस्या का पक्का इलाज शुरू हो गया है। आरईडी की टीम ने मौके पर पैमाइश कर रिमॉडलिंग का काम शुरू कराया, जिससे हर साल फसलों की तबाही झेल रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

 
 

घोड़सारी में बाढ़ निकासी रिमॉडलिंग का काम

आरईडी सहायक अभियंता रंजन मौर्य का निरीक्षण

किसान विकास मंच के प्रयासों से मिली सफलता

जलभराव की गंभीर समस्या से मिलेगी राहत

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की पहल पर कार्रवाई


चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र स्थित घोड़सारी गांव के लोगों और किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। गांव में सालों से बनी बाढ़ और जलभराव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंगलवार से धरातल पर काम शुरू हो गया है। ग्रामीणों को वर्षों से बरसात के मौसम में खेतों में पानी जमा होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब नई जरूरतों के हिसाब से जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रिमॉडलिंग का काम शुरू कराया गया है, जिससे पूरे इलाके के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।

आरईडी की टीम ने मौके पर की पैमाइश
आरईडी (ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग) के सहायक अभियंता रंजन मौर्य अपनी पूरी तकनीकी टीम के साथ सीधे घोड़सारी गांव पहुंचे। उन्होंने उस जगह का मुआयना किया जहां हर साल बारिश का पानी जमा होकर गांव और खेतों को डुबो देता है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता ने जल निकासी के रास्ते की जरूरी पैमाइश कराई। उन्होंने पानी के बहाव को सही दिशा देने के लिए नए सिरे से नाले के निर्माण और रिमॉडलिंग की रूपरेखा तैयार की, ताकि भविष्य में कभी पानी का भराव न हो।

लंबे समय से संघर्ष कर रहा था किसान विकास मंच
घोड़सारी गांव में हर साल बारिश का पानी खेतों में भर जाने से खड़ी फसलें सड़ जाती थीं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता था। इस परेशानी को लेकर 'किसान विकास मंच' काफी समय से शासन और प्रशासन के अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रहा था। मंच के प्रतिनिधियों ने सिंचाई विभाग, बंधी डिवीजन, खंड विकास अधिकारी, एसडीएम और जिलाधिकारी को कई बार शिकायत भेजकर ठोस कदम उठाने की मांग की थी। इसके बावजूद जलभराव का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा था।

जनप्रतिनिधि की पहल से बनी बात
समस्या का समाधान निकालने के लिए किसान विकास मंच के संगठन मंत्री रामअवध सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह से मुलाकात की थी। ज्ञापन सौंपकर उन्होंने मांग की थी कि पुरानी निकासी व्यवस्था को बदल कर नया मॉडल बनाया जाए।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझा और तुरंत आरईडी के अधिकारियों को मौके पर जाकर पैमाइश करने और काम शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्हीं के निर्देश पर विभाग की टीम गांव पहुंची।

किसानों ने जताई संतुष्टि, गुणवत्ता की रखी मांग
निरीक्षण और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू होने के बाद गांव के लोगों को भरोसा जगा है कि इस बार उन्हें जलभराव और फसलों के नुकसान से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। किसान विकास मंच के नेताओं और ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर खुशी जाहिर की है।

साथ ही किसानों ने अधिकारियों से यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि यह व्यवस्था लंबे समय तक टिक सके। इस मौके पर उमाशंकर दूबे, रामअवध सिंह, अखिलेश दूबे, रंजन कुमार, कन्हैया सिंह और किशन सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।