11,000 वोल्ट के लटके तार ने मासूम को बनाया निशाना, करंट से झुलसी 12 वर्षीय बालिका की हालत नाजुक

शहाबगंज के भूसीकृत पुरवा गांव में बिजली विभाग की अनदेखी एक मासूम बच्ची पर भारी पड़ गई। झूलते हुए हाईटेंशन तार की चपेट में आने से 12 साल की रोली गंभीर रूप से झुलस गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 
 

11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आई मासूम

गंभीर हालत में बालिका जिला अस्पताल रेफर

बिजली विभाग की घोर लापरवाही से ग्रामीण नाराज

झूलते हुए तारों को ठीक करने की उठी मांग

चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत भूसीकृत पुरवा गांव में गुरुवार को बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ रास्ते पर खतरनाक तरीके से नीचे लटक रहे 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक 12 वर्षीय बालिका बुरी तरह झुलस गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत और विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी संजय की 12 वर्षीय पुत्री रोली दोपहर के समय घर के बाहर किसी काम से निकली थी। रास्ते में बिजली विभाग का हाईटेंशन तार काफी नीचे तक झूल रहा था। मासूम रोली अनजाने में इस मौत के तार की चपेट में आ गई। 11 हजार वोल्ट के जोरदार करंट ने बच्ची को झटके के साथ दूर फेंक दिया, जिससे वह मौके पर ही अचेत हो गई और उसका शरीर काफी हद तक झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने तुरंत बिजली घर फोन कर आपूर्ति बंद कराई और बच्ची को बचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर
हादसे के बाद बदहवास परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में रोली को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बालिका की स्थिति अत्यंत नाजुक है, जिसके चलते उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। फिलहाल मासूम की जिंदगी और मौत के बीच जंग जारी है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
इस दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की पोल खोलकर रख दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर हाईटेंशन तार जमीन के इतने करीब लटक रहे हैं कि वहां से गुजरना मौत को दावत देने जैसा है। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।

ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही इन झूलते तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।