बौद्ध संस्थान सैदूपुर में बौद्धि क रीति रिवाज से मनाया गया गुरु पूर्णिमा का पर्व

ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवंत मौर्या ने बताया कि बुद्ध के मार्ग पर चल कर ही सभी दुखों का निवारण संभव हो सकता है। अंत में उपस्थित जनों में प्रसाद स्वरूप खीर का वितरण किया गया। 
 

गुरु के रूप में भगवान बुद्ध के उपदेशों की की गई व्याख्या

बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान की पहल

बुद्ध के मार्ग पर चलने पर दिया जोर

चंदौली जिला के चकिया तहसील क्षेत्र के सैदूपुर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान सैदूपुर के तत्वाधान में माया महामाया सरोवर पर गुरु भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष भिक्षुओं ने त्रिरत्नों उच्चारण करके बुद्ध का याचना किया। तथा गुरु की महिमा का वर्णन किया। 

वक्ताओं ने कहा कि आज के दिन ही भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया था। अतः इस दिन को धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस भी कहा जाता है। इस पावन अवसर पर कई बौद्ध भिक्षुओं और चीवरधारियों ने पंचशिलों और त्रिरत्नों उच्चारण करके बुद्ध की याचना की। भंते बुद्ध प्रताप मौर्य ने भगवान बुद्ध के उपदेशों की व्याख्या किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवंत मौर्या ने बताया कि बुद्ध के मार्ग पर चल कर ही सभी दुखों का निवारण संभव हो सकता है। अंत में उपस्थित जनों में प्रसाद स्वरूप खीर का वितरण किया गया। 
 
इस अवसर पर लालजी मौर्य, नंदलाल मौर्य, चंद्रभान मौर्य, रमेश मौर्य, कुंदन सिंह, संतोष कुमार, अजय कुमार,संदीप कुमार सिंह, लोकपति सिंह, वासुदेव मौर्य आदि लोग उपस्थित रहे ।