शहाबगंज के हाटा गांव में स्वच्छता अभियान फेल: गलियों में लगा गंदगी का अंबार, प्रधान के दरवाजे पर शोपीस बना ई-रिक्शा
चंदौली के हाटा गांव में घर-घर से कचरा उठाने के लिए आया सरकारी ई-रिक्शा ग्राम प्रधान के दरवाजे की शोभा बढ़ा रहा है। वहीं दूसरी तरफ पूरा गांव कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे लोग परेशान हैं।
ग्राम प्रधान के दरवाजे पर खड़ा ई-रिक्शा
हाटा ग्राम पंचायत में चरमराई सफाई व्यवस्था
गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लगा कूड़ा
पंचायत सचिव की उदासीनता से ग्रामीण परेशान
एडीओ पंचायत ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण स्वच्छता मुहिम को चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत हाटा ग्राम पंचायत में तगड़ा झटका लगा है। यहाँ धरातल पर स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकार की ओर से ग्राम पंचायत के लिए खरीदा गया कीमती कूड़ा ढोने वाला ई-रिक्शा वाहन पिछले कई सालों से केवल ग्राम प्रधान के घर के बाहर खड़ा होकर शोपीस बना हुआ है।
गलियों में लगा गंदगी का ढेर, सचिव की मनमानी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि हाटा पंचायत में घर-घर से गीला और सूखा कचरा इकट्ठा करने के उद्देश्य से इस ई-रिक्शा को सरकारी पैसे से खरीदा गया था। लेकिन इसका इस्तेमाल गांव की सफाई के लिए कभी नियमित रूप से किया ही नहीं गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सचिव लक्ष्मण तिवारी के कथित आदेश पर यह वाहन लंबे समय से ग्राम प्रधान के दरवाजे की शोभा बढ़ा रहा है। नतीजतन, गांव की गलियां और सार्वजनिक स्थल डंपिंग ग्राउंड बन चुके हैं।
सिर पर है बरसात, बीमारी और संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा
ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसी स्थिति में रास्तों और सार्वजनिक जगहों पर खुले में सड़ रहे कूड़े की वजह से गांव में भयंकर दुर्गंध फैल रही है। बारिश का पानी पड़ने से गंदगी के कारण मच्छरों और घातक कीटाणुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी, जिससे पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा दोगुना हो गया है। कई बार शिकायत के बाद भी सचिव की उदासीनता बनी हुई है।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग, एडीओ पंचायत ने दिया कार्रवाई का भरोसा
पंचायत प्रशासन की इस घोर लापरवाही और बदहाली से नाराज होकर स्थानीय लोगों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, प्रधान के घर खड़े ई-रिक्शा को सड़कों पर चलवाया जाए और गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए एडीओ पंचायत अरविंद सिंह ने बताया कि हाटा पंचायत सचिव अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहे हैं और उन्हें भी इस संबंध में शिकायतें मिली हैं। उन्होंने भरोसा दिया कि मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही गांव में नियमित सफाई शुरू कराई जाएगी।