दलित बस्ती में जली विकास की रोशनी, हाई मास्क लाइट लगने से ग्रामीणों में खुशी की लहर
अमांव गांव की दलित बस्ती में हाई मास्क लाइट लगाई गई
रामजी गौतम की सांसद निधि से हुआ विकास कार्य
घनश्याम प्रधान और मिथिलेश कुमार की मेहनत लाई रंग
वर्षों की अंधेरे से मुक्ति पाकर ग्रामीणों में खुशी
चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र के अमांव गांव की दलित बस्ती में वर्षों से फैले अंधेरे को अब उजाले ने बदल दिया है। बहुजन समाज पार्टी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम के सांसद निधि से हाई मास्क लाइट लगाए जाने से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस कार्य के पीछे बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान और युवा समाजसेवी मिथिलेश कुमार की लगातार मेहनत और सक्रिय पहल रही।
इस बस्ती में लंबे समय से लाइट की कोई व्यवस्था नहीं थी। हर शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता था, जिससे स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी होती थी। असुरक्षा की भावना के साथ-साथ विकास से उपेक्षा का भाव भी व्याप्त था। लेकिन जब बसपा जिलाध्यक्ष और समाजसेवी ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और सांसद से संपर्क कर मांग रखी, तो उसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।
सांसद निधि से स्वीकृति मिलने के बाद जैसे ही हाई मास्क लाइट लगाकर रोशनी की गई, बस्ती में उत्सव जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तालियों और नारों से खुशी जताई। बुजुर्गों से लेकर युवा तक, सभी ने इसे ‘विकास की रोशनी’ करार देते हुए दोनों जनप्रतिनिधियों का आभार प्रकट किया।
ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल एक लाइट नहीं, बल्कि दशकों की उपेक्षा से मुक्ति का प्रतीक है। रामबली राम, प्रेम नारायण, दीनानाथ, मुन्नीलाल, ओमप्रकाश और संजय समेत कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक कदम बताते हुए कहा कि अब उन्हें भी गांव का बराबरी का हिस्सा महसूस हो रहा है।
यह पहल न सिर्फ बस्ती के लिए परिवर्तन का संकेत है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।