अवैध खनन पर कसेगा शिकंजा : नामजद आरोपियों के घर लटके ताले, वन विभाग ने 25 अवैध कब्जों को किया चिह्नित
चंदौली के चकिया में अवैध खनन रोकने गई टीम पर हमले के बाद हड़कंप मचा है। पुलिस फरार आरोपियों और छीनी गई मशीनों की तलाश में जुटी है, वहीं वन विभाग ने पहाड़ियों पर अवैध रूप से बसे 25 लोगों के खिलाफ बेदखली की तैयारी शुरू कर दी है।
22 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस की टीम कर रही संभावित ठिकानों पर दबिश
बैकहो लोडर और ट्रैक्टर बरामदगी में पुलिस विफल
प्रतिबंधित पहाड़ियों पर 25 अवैध निर्माण चिह्नित
गिरफ्तारी के डर से पूर्व जिला पंचायत सदस्य फरार
चंदौली जिले के शिकारगंज क्षेत्र अंतर्गत डेड़ौना गांव के पास अवैध खनन और वन विभाग की टीम पर हमले के मामले में पुलिस एवं प्रशासन ने अब अपनी कार्रवाई की गति तेज कर दी है। घटना के 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी हालांकि अभी तक घटना में प्रयुक्त बैकहो लोडर (जेसीबी) और ट्रैक्टर की बरामदगी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मशीनों की लूट और पुलिस की जांच
विदित हो कि बीते दिन डेड़ौना गांव में जब प्रशासन की टीम अवैध खनन की सूचना पर छापेमारी करने पहुँची थी, तब ग्रामीणों ने संगठित होकर टीम पर हमला बोल दिया था। इस अफरा-तफरी का लाभ उठाकर ग्रामीण खनन में लगी भारी मशीनों को जबरन छुड़ा ले गए थे। इस गंभीर मामले में पुलिस ने 22 नामजद लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि पुलिस अब परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके से भगाई गई मशीनें किसके नाम पर पंजीकृत हैं।
वन विभाग का 'पुराना हिसाब' और अतिक्रमण पर प्रहार
इस बार वन विभाग भी बैकफुट पर रहने के बजाय आक्रामक मुद्रा में नजर आ रहा है। चंद्रप्रभा वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में विभाग ने डेड़ौना, गायघाट, अलीपुर भगड़ा और उचेहरा जैसे संवेदनशील गांवों के आसपास की प्रतिबंधित पहाड़ियों पर अभियान चलाया है। जांच के दौरान वन भूमि पर अवैध रूप से मकान बनाकर रहने वाले 25 लोगों को चिह्नित किया गया है। इन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई हेतु रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
गांव में पसरा सन्नाटा, पूर्व जनप्रतिनिधि भूमिगत
पुलिसिया कार्रवाई के डर से डेड़ौना गांव की तस्वीर बदल गई है। घटना का मुख्य आरोपी, जो एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य बताया जा रहा है, अपने परिवार सहित घर छोड़कर फरार है। गांव के अधिकांश घरों में ताले लटके हुए हैं और लोग गिरफ्तारी के डर से सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो पूर्व में कई बार खनन माफियाओं द्वारा सरकारी टीमों को चुनौती दी गई है, जिसे देखते हुए इस बार पुलिस और वन विभाग साझा रणनीति के तहत "पुराना हिसाब" चुकता करने के मूड में हैं। विभाग की इस सक्रियता से क्षेत्र के खनन माफियाओं में हड़कंप व्याप्त है। प्रभारी निरीक्षक ने दोहराया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही छीने गए वाहन बरामद कर लिए जाएंगे।