लतीफशाह बांध से निकली जनकपुर माइनर से कब मिलेगा सिंचाई के लिए पूरा पानी, किसान पूछ रहे हैं सवाल

किसानों का कहना है कि धीमी गति में चल रहे माइनर के कारण शाहपुर गांव तक पानी आने के बाद दूसरी तरफ शाखा में मिट्टी पड़े रहने के कारण पानी की आपूर्ति आगे तक नहीं हो पा रही है।
 

जनकपुर माइनर से सिंचाई करने वाले किसान परेशान

किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रही है पानी

रोपाई कार्य हो रहा है बाधित

चिंतित किसानों ने आंदोलन का दिया चेतावनी

चंदौली जिला की लतीफशाह बांध से निकली जनकपुर माइनर से किसानों के खेत तक पानी न पहुंचने से अभी तक क्षेत्र के किसानों की धान की रोपाई नहीं हो पाई। ऐसी स्थिति तब है जब धान की रोपाई का पीक सीजन चल रहा है। माइनर से पानी न मिलने से किसान परेशान है। और उन्हें धन की रोपाई का कार्य प्रभावित होने का खतरा दिखाई दे रहा है।

बताते चलें कि जनकपुर माइनर से जुड़े किसानों की खेती बारिश न होने की स्थिति में माइनर पर पूरी तरह से निर्भर है। जबकि माइनर से पानी के आपूर्ति का हालात खस्ता है। किसानों ने आरोप लगाया कि एक तरफ माइनर की जर्जर हालत रहने के कारण बार-बार उसे टूटने की खतरा को देखते हुए विभाग पानी की आपूर्ति धीमी गति से कर रहा हैं। दूसरी ओर सिंचाई विभाग को पर्याप्त धन आने के बाद भी माइनर से सिल्ट सफाई और मिट्टी की निकासी कर सफाई कार्य पूरी तरह नहीं किया गया। जिससे जगह-जगह माइनर में मिट्टी भर जाने के कारण पानी की आपूर्ति आगे तक नहीं हो पा रही है। जिसके कारण माइनर से जुड़े आधा दर्जन से अधिक गांव में धान की रोपाई ना होने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

 किसानों का कहना है कि धीमी गति में चल रहे माइनर के कारण शाहपुर गांव तक पानी आने के बाद दूसरी तरफ शाखा में मिट्टी पड़े रहने के कारण पानी की आपूर्ति आगे तक नहीं हो पा रही है। जिससे सैदूपुर, बसाढी गांव के अलावा सुल्तानपुर, नसोपुर, गलीमापुर,अर्जी गांव के किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि अभी तक खेतों में धान की रोपाई नहीं हो पायी है। 

सिंचाई विभाग की कारगुजारी से परेशान किसान लालजी, नंदलाल, प्रदीप, कपिलदेव, बदरुद्दीन, मुन्ना, त्रिभुवन आदि ने चेताया कि विभाग जल्द से जल्द खेतों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करें नहीं तो बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।