बिजली चेक करने वाले लोगों से भिड़े ग्रामीण, दोनों एक दूसरे के खिलाफ लिखवाएंगे FIR

जेई संजीव कुमार अपनी टीम के साथ गांव में ओटीएस काटने के लिए कैम्प लगाए थे। जांच करते हुए दलित बस्ती में पहुंच गए।इसी दौरान कुछ ग्रामीणों से कहासुनी हो गई।
 

बिजली विभाग के जेई और ग्रामीणों के बीच विवाद


चेकिंग के दौरान  जेई और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक


दोनों पक्षों ने शहाबगंज थाने पर दी है तहरीर


मौके से जांच के बाद कार्रवाई करेगी पुलिस

चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र के केराडीह गांव में मंगलवार को बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) संजीव कुमार और ग्रामीणों के बीच हुई कहासुनी ने तूल पकड़ लिया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने पर अलग–अलग तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार जेई संजीव कुमार अपनी टीम के साथ गांव में ओटीएस काटने के लिए कैम्प लगाए थे। जांच करते हुए दलित बस्ती में पहुंच गए।इसी दौरान कुछ ग्रामीणों से कहासुनी हो गई। जेई का आरोप है कि चेकिंग के दौरान उन्हें घेरकर अभद्रता की गई तथा उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का प्रयास किया गया। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए धर्मराज कुमार, सुबोध कुमार कमलेश कुमार, शादलु सहित अन्य लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। उनका कहना है कि विभागीय कार्यवाही के दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार करना कानून के खिलाफ है, इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

थाने में पहुंची गांव वालों की तहरीर

उधर धर्मराज ने जेई के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि अधिकारी बिना अनुमति घर में घुसकर चेकिंग करने लगे, जिसका महिलाओं ने विरोध किया। ग्रामीणों के मुताबिक विरोध के दौरान दोनों पक्षों में कहा–सुनी हुई और माहौल गरमा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद उन्होंने भी जेई संजीव कुमार, लाइनमैन बनारसी शुक्ला सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ थाने पर तहरीर दिया।

जेई की गांव वालों के खिलाफ तहरीर

वहीं थाना प्रभारी अशोक कुमार मिश्र का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मौके पर किसी तरह का तनाव न बढ़े, इसके लिए गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है, वहीं बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी सुरक्षा की मांग उठाई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।