शहाबगंज का कलानी गांव बनेगा बाल विवाह मुक्त, पंचायत भवन में सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव
शहाबगंज के कलानी गांव में शुक्रवार को बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ ग्राम सभा की बैठक आयोजित हुई। इसमें ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कलानी को 'बाल विवाह मुक्त ग्राम' बनाने और बेटियों को शिक्षा व सुरक्षा देने का सामूहिक संकल्प लिया।
कलानी को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर दिया जोर
ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास
18 वर्ष से कम आयु की शादी पर रोक
अधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी होगा प्रमाण पत्र
शहाबगंज क्षेत्र के कलानी गांव में शुक्रवार को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक पहल देखने को मिली। जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर गांव के पंचायत भवन में एक विशेष ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कलानी गांव को पूरी तरह से 'बाल विवाह मुक्त ग्राम' घोषित करना था।
बाल विवाह बेटियों के अधिकारों पर सीधा प्रहार
बैठक के दौरान ग्राम प्रधान मुन्ना भास्कर ने कहा कि बाल विवाह बेटियों के अधिकारों, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार करता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कलानी गांव में अब किसी भी स्थिति में बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा। बेटियों को पढ़ाई, अपनी सुरक्षा और अपने भविष्य का निर्णय लेने का पूरा अधिकार दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया हुई शुरू
ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रबली ने बैठक के एजेंडे की जानकारी देते हुए बताया कि कलानी को बाल विवाह मुक्त ग्राम घोषित करने का प्रस्ताव शामिल कर लिया गया है। इसके तहत बाल विवाह से जुड़ी पुरानी शिकायतों और अभिलेखों की जांच की जाएगी। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आधिकारिक प्रमाण-पत्र तैयार कराया जाएगा, जिस पर खंड विकास अधिकारी और बाल विवाह निषेध अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे।
कानून का पालन ही नहीं, भविष्य की सुरक्षा भी जरूरी
बैठक में मौजूद अधिकारियों और वक्ताओं ने ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी नियमों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं का विवाह रोकना केवल कानून का पालन करना नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
निगरानी और जागरूकता अभियान पर जोर
गांव में बाल विवाह की किसी भी संभावित घटना पर नजर रखने के लिए पंचायत स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रीति शर्मा, पंचायत सहायक संतोष कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू गिरी, आशा कार्यकर्ता उमा देवी, अंजू देवी, सीता देवी, शीला देवी और मनोज देवी समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और बेटियों के सम्मानजनक भविष्य का संकल्प लिया।