शहाबगंज में गूंजा मान्यवर कांशीराम का नारा: अतायस्तगंज में धूमधाम से मनी जयंती, पूर्व प्रधान ने बताया सामाजिक न्याय का पुरोधा
शहाबगंज के अतायस्तगंज स्थित अम्बेडकर पार्क में बहुजन समाज के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। वक्ताओं ने उनके सामाजिक सुधारों और 'साझेदारी' के नारे को आधुनिक राजनीति का आधार बताया।
अतायस्तगंज अम्बेडकर पार्क में भव्य आयोजन
कांशीराम साहब की 92वीं जयंती पर केक काटा
बहुजन एकीकरण और संघर्षों पर चर्चा
'जिसकी जितनी संख्या भारी' नारे को किया याद
पूर्व प्रधान बाबुनंदन सिंह ने दी श्रद्धांजलि
चंदौली जनपद के शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत अतायस्तगंज गांव स्थित अम्बेडकर पार्क में रविवार को बहुजन समाज के महानायक और बामसेफ, डीएस-4 व बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती पूरे उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से केक काटकर खुशियां मनाईं।
बहुजन एकीकरण और आजीवन संघर्ष की गाथा
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान बाबुनंदन सिंह ने कहा कि मान्यवर कांशीराम एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा, "कांशीराम साहब ने शोषितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को संगठित कर उन्हें अहसास कराया कि सत्ता की चाबी ही उनकी समस्याओं का समाधान है।" उन्होंने आगे बताया कि 20वीं सदी के अंतिम दशक में कांशीराम एक ऐसे चमकते सितारे के रूप में उभरे, जिन्होंने राजनीति को हाशिए पर पड़े लोगों तक पहुँचाया।
'जिसकी जितनी संख्या भारी'—आज भी है राजनीति का आधार
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कांशीराम साहब के ऐतिहासिक नारे 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' पर विशेष चर्चा की। पूर्व प्रधान अरविंद कुमार मिश्र ने उनके व्यक्तिगत संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी के दौरान उन्होंने स्वयं जातिवाद और भेदभाव को झेला, जिसने उन्हें समाज सुधारक बनने के लिए प्रेरित किया। उनके द्वारा दिए गए नारों ने ही देश की 85 प्रतिशत आबादी की राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करने की बुनियाद रखी।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत और संकल्प
सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिंह और समिति के अध्यक्ष बाबूलाल भास्कर ने कांशीराम के जीवन को युवाओं के लिए एक खुली किताब और प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब ने सिखाया कि बिना किसी राजनीतिक बैसाखी के स्वाभिमान की लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। कार्यक्रम के अंत में रतीश कुमार के सफल संचालन में उपस्थित लोगों ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने और समाज में भाईचारा एवं समानता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रधान लालब्रत पासवान, पूर्व प्रधान उमेश कुमार, इबरार अली, बीरुद्दीन, मिथिलेश, संजय कुमार, फौजी अंकित कुमार, धरमू राम, आजाद, महेश, राजेश, राजू और अखिलेश सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।