चंदौली के बरियारपुर में 29 मार्च को मनेगा 'किसान पर्व', 13वें स्थापना दिवस पर उठेगा किसानों और मजदूरों के हक का बिगुल।

चंदौली के शहाबगंज स्थित बरियारपुर में 29 मार्च को 'किसान विकास मंच' का 13वां स्थापना दिवस 'किसान पर्व' के रूप में मनाया जाएगा। इस महापंचायत में एमएसपी (MSP), भूमि अधिग्रहण और बिजली निजीकरण जैसे अहम मुद्दों पर किसानों की आवाज बुलंद की जाएगी।

 

शहाबगंज के बरियारपुर स्कूल परिसर में 29 मार्च को आयोजन

किसान विकास मंच का 13वां स्थापना दिवस 'किसान पर्व' के रूप में

एमएसपी गारंटी कानून, भूमि अधिग्रहण और बाण सागर परियोजना पर मंथन

मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. उमेश सिंह और रतन कुमार सिंह करेंगे शिरकत

"बहुत सहा है अब न सहेंगे, मिल-जुलकर संघर्ष करेंगे" के संकल्प के साथ आयोजन

चंदौली जनपद के किसानों, मजदूरों और युवाओं की आवाज को एक मंच पर लाकर उसे और अधिक बुलंद करने की तैयारी तेज हो गई है। 'किसान विकास मंच, चंदौली' द्वारा इस वर्ष अपना 13वां स्थापना दिवस "किसान पर्व" के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। रविवार, 29 मार्च को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक शहाबगंज क्षेत्र के बरियारपुर स्थित स्कूल परिसर में इस महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस वृहद कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र के किसानों में जबरदस्त उत्साह है और तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

इन ज्वलंत मुद्दों पर होगा मंथन
किसान विकास मंच के सक्रिय पदाधिकारी राम अवध सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह आयोजन केवल एक रस्मी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह किसानों के हक और अधिकारों की लड़ाई को एक नई और स्पष्ट दिशा देने का गंभीर प्रयास है।

किसान पर्व के मुख्य एजेंडे:

एमएसपी (MSP) गारंटी कानून लागू करना

भूमि अधिग्रहण से जुड़ी किसानों की समस्याएं

बिजली का निजीकरण और उसका प्रभाव

बाण सागर परियोजना का उचित क्रियान्वयन

विवादित 'सीड बिल' (Seed Bill) और नए लेबर कोड

राम अवध सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि आज का अन्नदाता इन सभी ज्वलंत मुद्दों से जूझ रहा है, जिसका सीधा और गहरा असर उनकी आजीविका और भविष्य पर पड़ रहा है।

'बहुत सहा है अब न सहेंगे' का संकल्प
इस भव्य किसान पर्व में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. उमेश सिंह और रतन कुमार सिंह शिरकत करेंगे। वे देश की वर्तमान कृषि नीतियों, कृषि क्षेत्र में बढ़ते कॉर्पोरेट हस्तक्षेप और किसानों के सामने खड़ी नई चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखेंगे। साथ ही, वे उपस्थित किसानों, मजदूरों और युवाओं से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान करेंगे।

आयोजकों ने "बहुत सहा है अब न सहेंगे, मिल-जुलकर संघर्ष करेंगे" के दृढ़ संकल्प के साथ इस कार्यक्रम का शंखनाद किया है। किसान विकास मंच ने क्षेत्र के सभी अन्नदाताओं, मजदूरों और नौजवानों से अपील की है कि वे 29 मार्च को बरियारपुर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस किसान पर्व को ऐतिहासिक और सफल बनाएं।