अखिल भारतीय किसान सभा का हल्लाबोल: चकिया में वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चकिया में अखिल भारतीय किसान सभा ने विशाल जुलूस निकाला। किसानों ने स्मार्ट मीटर, वन भूमि से बेदखली और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर प्रशासन को घेरते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई का विरोध
स्वामीनाथन रिपोर्ट और एमएसपी की मांग
वन माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत
स्मार्ट मीटर न लगाने की चेतावनी
नहर सफाई में 6 करोड़ के भ्रष्टाचार की जांच
चंदौली जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को चकिया नगर में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों का जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकालकर न केवल वन विभाग की नीतियों का विरोध किया, बल्कि प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसानों और वन भूमि पर बसे लोगों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
बुलडोजर कार्रवाई और अतिक्रमण विरोधी अभियान पर नाराजगी
जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ गांधी पार्क पहुंचा, जहाँ एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने चकिया और चंद्रप्रभा रेंज के अधिकारियों द्वारा की जा रही अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि वर्षों से वन भूमि पर बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के लिए की जा रही बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि वन अधिकार कानून के तहत जो लोग वहां रह रहे हैं, उन्हें उजाड़ना असंवैधानिक है।
स्वामीनाथन रिपोर्ट और एमएसपी की गूंज
सभा में किसानों की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने मांग की कि किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाए। इसके अलावा, बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने का कड़ा विरोध किया गया और मनरेगा के मूल ढांचे के साथ छेड़छाड़ न करने की चेतावनी दी गई।
वन विभाग और सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप
अखिल भारतीय किसान सभा के नेताओं ने वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वन माफियाओं से मिलीभगत के कारण वन क्षेत्र में लाखों पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही, सिंचाई विभाग द्वारा नहरों और माइनरों की सफाई (सिल्ट सफाई) में किए गए करीब छह करोड़ रुपये के भुगतान को फर्जीवाड़ा बताते हुए जांच की मांग की गई। आरोप है कि बिना काम कराए ही कागजों पर सफाई दिखाकर भारी धनराशि का गबन किया गया है।
इन नेताओं ने किया संबोधित
सभा की अध्यक्षता परमानंद ने की और संचालन राजेंद्र यादव ने किया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से महानंद, शंभूनाथ सिंह यादव, लालचंद सिंह यादव, भृगुनाथ विश्वकर्मा, लालमनी विश्वकर्मा, रामनिवास पांडेय सहित गुलाबी देवी और भगवानी देवी जैसी महिला किसान नेत्रियां भी शामिल रहीं। सभी ने एकजुट होकर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।