भीषण गर्मी के बीच 15 दिनों से बिजली गुल, महादेवपुर कलां में भड़के ग्रामीणों ने किया जोरदार धरना-प्रदर्शन
चकिया के महादेवपुर कलां में पिछले एक पखवाड़े से बिजली ठप होने के कारण पेयजल और उमस से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शीघ्र आपूर्ति बहाल न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
एक पखवाड़े से ठप बिजली आपूर्ति
महादेवपुर कलां में भड़के ग्रामीण लोग
आंधी-तूफान के बाद से गहराया संकट
पेयजल और उमस से मची त्राहि-त्राहि
बिजली बहाल न होने पर दी चेतावनी
चंदौली जिले में भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच पिछले करीब एक पखवाड़े से बिजली की गंभीर समस्या झेल रहे ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। चकिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत महादेवपुर कलां में शुक्रवार को ग्रामीणों ने बिजली संकट के विरोध में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुचारू करने की मांग उठाई।
13 मई को आए आंधी-तूफान के बाद से ठप है व्यवस्था
धरने पर बैठे ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि बीती 13 मई को क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के बाद से अब तक गांव में नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। आंधी के दौरान चकिया विद्युत उपकेंद्र से महादेवपुर कलां और प्रेमापुर गांव को जोड़ने वाली मुख्य विद्युत लाइन और पोल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई दिन बीत जाने के बावजूद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इस बड़ी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है।
पेयजल संकट और उमस से बेहाल हुआ जनजीवन
ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस चिलचिलाती गर्मी में बिजली न होने से सबसे बड़ा संकट पीने के पानी का खड़ा हो गया है। घरों में लगे समरसेबल और टुल्लू पंप बिजली के अभाव में पूरी तरह बंद पड़े हैं। इसके अलावा, लगातार बिजली गुल रहने से घरों के इनवर्टर डिस्चार्ज हो गए हैं और लोगों के मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। रात के समय ग्रामीणों को भीषण उमस और मच्छरों के प्रकोप के बीच जागकर रातें बितानी पड़ रही हैं, जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से बढ़ी नाराजगी, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के चक्कर लगाए गए, लेकिन अधिकारियों की तरफ से केवल खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं। मौके पर मौजूद बसपा के युवा नेता शैलेश कुमार ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि महादेवपुर कलां और प्रेमापुर गांव की विद्युत व्यवस्था को आपातकालीन स्तर पर दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली न होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली नहीं आई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस व्यापक विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से अनिल पाल, जयप्रकाश, राकेश पाल, धर्मेंद्र, यशवंत, महेंद्र, सदाफल, पतालू, राजन खरवार, रंजीत, मंगरु खरवार, पंचू, तेतरी, कविता, कंचन, सीमा, रामपति, निर्मला, धीरज, राहुल, रिंकू पासवान, अशोक, सोना, सुभाष पाल, सनी, सूरज, चंदन, चंद्रशेखर, हीरा, सूरज पाल, रमेश पाल, जयप्रकाश पाल, उदल बाड़ू और कमलेश पासवान सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष ग्रामीण एकजुट नजर आए।