देखिए DM साहब...उद्घाटन के तीसरे दिन ही फुस्स हुई नौका विहार की योजना, अमृत सरोवर की दोनों नावें खराब

चंदौली के महारथपुर में बड़े तामझाम के साथ शुरू हुआ नौका विहार महज तीन दिन में ठप हो गया। विधायक और डीएम द्वारा उद्घाटन के बाद तकनीकी खराबी के कारण दोनों नावें तालाब से बाहर निकाल ली गई हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी निराशा है।

 

लोकार्पण के तीन दिन बाद नौका विहार बंद

अमृत सरोवर की दोनों नावें हुईं खराब

नावों में पानी भरने से थमा संचालन

ग्रामीणों ने घटिया गुणवत्ता पर उठाए सवाल

मरम्मत के बाद दोबारा शुरू होगा संचालन

चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड  के महारथपुर में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रशासन की महत्वाकांक्षी योजना को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा है। करोड़ों की लागत से बने अमृत सरोवर में शुरू किया गया नौका विहार उद्घाटन के मात्र तीन दिन बाद ही ठप हो गया। तकनीकी खराबी और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तालाब से दोनों नावों को बाहर निकाल लिया गया है।

लोकार्पण के समय दिखा था भव्य नजारा
बताते चलें कि बीते 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य, जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई ने एक भव्य समारोह में इस अमृत सरोवर का लोकार्पण किया था। इस दौरान तालाब के पक्के घाट, लाइटिंग और नौका विहार की सुविधा को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया गया था। उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों में भारी उत्साह था और दूर-दराज से लोग नौका विहार का आनंद लेने पहुँच रहे थे।

सुरक्षा के चलते थमे नावों के चप्पू
प्रशासनिक दावों की पोल तब खुली जब संचालन के तीसरे दिन ही नावों में तकनीकी खामियां आने लगीं। सूत्रों के अनुसार, नावों में पानी भरने की समस्या सामने आई, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को देखते हुए संचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित विभाग ने दोनों नावों को तालाब से बाहर निकाल लिया है। अचानक हुई इस बंदी से पर्यटकों और ग्रामीणों के चेहरे पर मायूसी छा गई है।

गुणवत्ता पर उठे सवाल, मरम्मत का आश्वासन
स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए नावों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किए गए उपकरणों के चयन में लापरवाही बरती गई है। मामले पर सफाई देते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) दिनेश सिंह ने बताया कि नावों में तकनीकी समस्या आई है, जिसे जल्द ही मरम्मत के बाद दुरुस्त कर लिया जाएगा। मरम्मत के बाद नौका विहार सेवा पुनः बहाल की जाएगी। फिलहाल, करोड़ों का यह प्रोजेक्ट अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।