शहाबगंज में 'मीना मंच' की पहल, बच्चियां बाल विवाह के खिलाफ करेंगी जागरूक
 

कार्यक्रम के अंत में, 'मीना मंच' की सभी बच्चियों ने एक सामूहिक शपथ ली कि वे अपने गांवों और समाजों में बाल विवाह को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
 

 कम्पोजिट विद्यालय भोड़सर में हुआ कार्यक्रम

पूर्व माध्यमिक विद्यालय भूसीकृत पूरवा में भी 'मीना मंच' का आयोजन

बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करने की पहल

चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय भोड़सर और पूर्व माध्यमिक विद्यालय भूसीकृत पूरवा में एक विशेष 'मीना मंच' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना था। यह पहल संस्थान और पुलिस विभाग के सहयोग से की गई।

कार्यक्रम में शामिल बच्चियों ने नाटक, गीत और संवाद के माध्यम से यह संदेश दिया कि बाल विवाह न केवल उनका बचपन छीन लेता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने प्रभावी ढंग से यह दिखाया कि कैसे एक छोटी उम्र में विवाह एक बच्ची के सपनों और आकांक्षाओं को तोड़ सकता है।

पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, उपनिरीक्षक संगम लाल दूबे, ने बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने समाज से इसके खिलाफ सजग रहने की अपील की और उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में बताया, जो 24 घंटे टोल-फ्री सेवा प्रदान करता है।

इसके अलावा, विद्यालय की अध्यापिकाओं ने छात्राओं को समझाया कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत अपने शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें। इस पहल से बालिकाओं को सशक्त महसूस करने और सामाजिक जिम्मेदारी लेने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम के अंत में, 'मीना मंच' की सभी बच्चियों ने एक सामूहिक शपथ ली कि वे अपने गांवों और समाजों में बाल विवाह को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे हर घर तक शिक्षा के महत्व का संदेश पहुंचाएंगी।

इस अवसर पर राधेश्याम सिंह, रामविलास प्रसाद, शीला पांडे, महिला कांस्टेबल नीतू भारती, कांस्टेबल सुरेश सिंह, प्रधानाध्यापक जैनेंद्र लाल कौल, कल्लू प्रसाद और संस्था की कार्यकर्ता प्रीति शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम बालिकाओं को सशक्त बनाने और समाज को एक गंभीर समस्या के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।