बेंगलुरु स्टेशन पर ट्रेन से छूटी चंदौली की बेटी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और ग्राम प्रधान की मेहनत से मिली

 

बेंगलुरु से लौटते समय ट्रेन से बिछड़ी चकिया की किशोरी आखिरकार सकुशल मिल गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी और ग्राम प्रधान के संयुक्त प्रयासों से उसे ढूंढ निकाला गया। पूरी कहानी जानने के लिए खबर पढ़ें।

 
 

अरसीकेरे स्टेशन पर छूटी थी किशोरी

शौचालय जाने के दौरान हुआ हादसा

जिला प्रोबेशन अधिकारी की सक्रिय पहल

ग्राम प्रधान ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

बेंगलुरु में सकुशल मिली लापता बेटी

चंदौली जिले के चकिया कोतवाली क्षेत्र के रामपुर कला गांव से एक राहत भरी खबर सामने आई है। बेंगलुरु से अपने घर लौटते समय ट्रेन से बिछड़ी एक किशोरी आखिरकार सकुशल मिल गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी चंदौली और ग्राम प्रधान डॉ. केशव मूर्ति के मिले-जुले प्रयासों से किशोरी का पता लगा लिया गया है। उसे सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया है, जिसके बाद से परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली है।

अरसीकेरे स्टेशन पर छूटी थी वंदना
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि रामपुर कला गांव की रहने वाली संगीता (पत्नी स्वर्गीय विकास) अपने चार बच्चों के साथ बीती 27 जून 2026 को बेंगलुरु के एसएमवीटी (SMVT) रेलवे स्टेशन से पाटलिपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर अपने घर लौट रही थीं। रात करीब 9 बजे ट्रेन अरसीकेरे रेलवे स्टेशन पर लगभग 30 मिनट के लिए रुकी। इसी बीच उनकी बेटी वंदना शौचालय जाने की बात कहकर ट्रेन से नीचे उतर गई।

कोशिश के बाद भी नहीं चढ़ सकी ट्रेन में
कुछ ही देर बाद ट्रेन अचानक चल पड़ी। वंदना ने दोबारा ट्रेन में सवार होने की कोशिश की और परिजनों ने भी उसे ऊपर खींचने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। रफ्तार तेज होने के कारण किशोरी स्टेशन पर ही छूट गई। इसके बाद जब परिवार वाले चकिया पहुंचे, तो मां संगीता ने 1 जुलाई 2026 को चकिया कोतवाली में बेटी की गुमशुदगी की तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।

अफसरों और प्रधान की कोशिशें लाईं रंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी चंदौली और रामपुर कला के ग्राम प्रधान डॉ. केशव मूर्ति ने तुरंत कमान संभाली। उन्होंने संबंधित विभागों और बेंगलुरु के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इसी सक्रियता का नतीजा रहा कि किशोरी को बेंगलुरु में सकुशल बरामद कर लिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है और अब विधिक औपचारिकताएं पूरी कर उसे परिजनों को सौंपने की तैयारी चल रही है।