नवजात बच्चे को मंदिर के बाहर छोड़कर चली गयी कलियुगी मां, पुलिस ने ऐसे बचाया

चकिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अपनी देखरेख में लिया। पुलिस ने तुरंत मानवता दिखाते हुए नवजात को गर्म कपड़े उपलब्ध कराए। इसके बाद उसे प्राथमिक इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

 


रघुनाथपुर गांव के समीप मिला नवजात शिशु


गांव के काली माता मंदिर के पास मिला नवजात बच्चा  


चकिया कोतवाली पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लिया


प्राथमिक इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया


CCTV फुटेज से की जा रही है परिजनों की तलाश 

 चंदौली जिले के चकिया कोतवाली क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रघुनाथपुर गांव के समीप स्थित काली माता मंदिर के पास एक नवजात शिशु मिला। शनिवार सुबह ग्रामीणों की नजर जब मंदिर के पास पड़े रोते-बिलखते शिशु पर पड़ी तो इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही चकिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अपनी देखरेख में लिया। शिशु अत्यधिक ठंड के कारण कांप रहा था और लगातार रो रहा था। पुलिस ने तुरंत मानवता दिखाते हुए नवजात को गर्म कपड़े उपलब्ध कराए। इसके बाद उसे प्राथमिक इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने शिशु की स्थिति की जांच की। डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते अस्पताल पहुंचाने से उसकी हालत स्थिर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने रात के अंधेरे में नवजात को मंदिर के पास छोड़ दिया होगा। घटना के बाद से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने ऐसी अमानवीय हरकत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे किसी भी CCTV फुटेज की तलाश की जा रही है, जिससे नवजात को छोड़ने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह गंभीर मामला है और जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल नवजात सुरक्षित है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। इस घटना ने समाज के सामने फिर एक बार यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर क्यों निर्दोष बच्चों को इस तरह बेसहारा छोड़ दिया जाता है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की परिस्थितियों में तुरंत मदद करें और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें।