नए छात्रों के स्वागत में चकिया के राजकीय महाविद्यालय में ‘दीक्षारंभ 2025’ कार्यक्रम का आयोजन नए छात्रों के स्वागत में चकिया के राजकीय महाविद्यालय में ‘दीक्षारंभ 2025’ कार्यक्रम का आयोजन
‘दीक्षारंभ 2025’ कार्यक्रम से सजी चकिया पीजी कॉलेज की शुरुआत
नवागत छात्रों का पारंपरिक तरीके से तिलक और पुष्प देकर स्वागत
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नई शिक्षा प्रणाली की जानकारी दी गई
चंदौली जिले के चकिया में सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए ‘दीक्षारंभ 2025’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. संगीता सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में छात्रों को उच्च शिक्षा की शुरुआत से पूर्व मार्गदर्शन और प्रेरणा दी गई।
आपको बता दें कि कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुई। इसके उपरांत नवागत विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प देकर पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह ने छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू क्रेडिट आधारित सेमेस्टर प्रणाली, परीक्षा संरचना और शैक्षणिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रवेश प्रभारी डॉ. सरवन कुमार यादव और अन्य विभागाध्यक्षों ने विषयवार जानकारी साझा की, जिससे विद्यार्थियों को अपने विभाग की भूमिका, कार्यप्रणाली और समर्थन प्रणाली का स्पष्ट दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
छात्रों को व्यक्तित्व विकास के अवसरों से कराया अवगत
महाविद्यालय में संचालित रोवर्स-रेंजर्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), सांस्कृतिक परिषद, पर्यावरण परिषद, खेल परिषद और साहित्यिक मंडल जैसे मंचों के माध्यम से छात्रों को विविध गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्य और वरिष्ठ प्राध्यापकों ने दिया सफलता का मंत्र
प्राचार्य प्रो. संगीता सिन्हा एवं प्रो. प्रियंका पटेल ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्यों में छात्रों को ईमानदारी, अनुशासन और परिश्रम के रास्ते पर चलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का पूरा शिक्षकमंडल विद्यार्थियों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।
कार्यक्रम का समापन डॉ. रमाकांत गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस अवसर पर सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम को गरिमा प्राप्त हुई।