बेन-धरौली सड़क की बदहाली पर फूटा किसानों का गुस्सा, परमंदापुर में प्रदर्शन कर दी बड़ी चेतावनी

चंदौली के परमंदापुर में किसान विकास मंच की गोष्ठी में बेन-धरौली मार्ग की जर्जर हालत पर गहरा रोष जताया गया। चार वर्षों से बदहाल इस सड़क की मरम्मत न होने पर ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई और कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान किया है।

 

बेन-धरौली मार्ग की जर्जर स्थिति से राहगीर परेशान

किसान विकास मंच ने की तत्काल सड़क मरम्मत की मांग

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई शून्य

प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

गड्ढा मुक्त सड़क के सरकारी वादे पर उठे सवाल

चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड के परमंदापुर गांव में गुरुवार को जनसमस्याओं को लेकर भारी उबाल देखा गया। किसान विकास मंच के बैनर तले आयोजित किसान गोष्ठी में बेन-धरौली मार्ग की दयनीय स्थिति मुख्य मुद्दा रही। पिछले कई वर्षों से उपेक्षित इस सड़क के कारण ग्रामीणों और किसानों का धैर्य अब जवाब दे गया है, जिसके विरोध में उन्होंने पुरजोर प्रदर्शन किया।

चार साल से गड्ढों में तब्दील है मुख्य मार्ग
गोष्ठी को संबोधित करते हुए संगठन के सलाहकार चंद्रसुधीर सिंह ने कहा कि बेन-धरौली सड़क पिछले चार वर्षों से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग के अवर अभियंता ने चौड़ीकरण की प्रक्रिया में अभी एक वर्ष का समय लगने की बात कही है। किसानों का तर्क है कि यदि चौड़ीकरण में देरी है, तो कम से कम तत्काल मरम्मत (पैच वर्क) कर इसे चलने लायक बनाया जाना चाहिए।

प्रशासनिक उदासीनता और सरकारी वादों पर प्रहार
मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने बिजली के खंभों को हटाने और सड़क चौड़ीकरण में होने वाले विलंब का जिक्र करते हुए प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की। वहीं, गोकुल पांडेय ने सरकार के ‘गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के वादे पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मार्ग से जिले के कई बड़े अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन किसी ने भी जनता की इस पीड़ा को नहीं समझा।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत, अब बड़े आंदोलन की तैयारी
किसानों ने बताया कि इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारियों ने “सड़क करो अब गड्ढा मुक्त, नहीं सहेंगे गड्ढा युक्त” के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। चेतावनी दी गई कि यदि लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने शीघ्र ही सड़क के गड्ढे नहीं भरे, तो भारी संख्या में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे।

इस गोष्ठी की अध्यक्षता भोलानाथ सिंह और संचालन रामअवध सिंह ने किया। मौके पर रविंद्र नाथ सिंह, विष्णु पांडेय, सुरेश मौर्य, उपेंद्र सिंह, ओमप्रकाश सिंह और सुजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।