वन्य जीव प्रकृति का खजाना, इन्हें बचाकर रखना सच्ची मानवता का धर्म
 

   डॉ परशुराम सिंह ने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वन और वन्य जीवों का रहना हम सभी के जीवन के लिए बहुत जरूरी है, लगातार वनों के दोहन से वन्यजीवों का अस्तित्व भी संकट में पड़ गया है।
 

विश्व वन्य जीव संरक्षण दिवस आज

वृक्ष बंधु डॉक्टर परशुराम सिंह ने की लोगों से अपील

ग्लोबल वार्मिंग के दौर में इन पर ध्यान देने की जरूरत

चंदौली जिला के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत कटवां माफी गांव में रविवार को विश्व वन्यजीव संरक्षण दिवस पर वृक्ष बंधु डॉक्टर परशुराम सिंह ने कहा कि वन्य जीव प्रकृति का खजाना हैं। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए जीव जंतुओं को बचाए रखना होगा। वन्यजीवों को बचाकर सच्चे मानवता का धर्म निभाया जा सकता है।

   डॉ परशुराम सिंह ने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वन और वन्य जीवों का रहना हम सभी के जीवन के लिए बहुत जरूरी है, लगातार वनों के दोहन से वन्यजीवों का अस्तित्व भी संकट में पड़ गया है। समय रहते वनों को नहीं बचाया गया तो वन्य जीवों का जीवन भी संकट में पड़ जाएगा।

 डॉ सिंह ने कहा कि वन्य जीव पर्यावरण प्रदूषण को मुक्त करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। आज कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर है जो हम सभी के लिए दुःखद पहलू है, इन्हें बचाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पौध को लगाने पर बल देना होगा। वृक्ष से वन हैं और वन से वन्य जीव का संरक्षित हो पाएंगे। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील करते हुए कहा कि आज सभी लोग यह संकल्प लें कि वृक्षों को लगाने के साथ-साथ उसे संरक्षित करने तथा वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में हर संभव कार्य करेंगे, तभी मानव जीवन को सुरक्षित किया जा सकेगा।