चकिया विधायक के निरीक्षण के 3 दिन बाद भी नहीं सुधरी PHC कटवां माफी की व्यवस्था, चिकित्सा प्रभारी और फार्मासिस्ट नदारद, चल रही कामचलाऊ व्यवस्था
चंदौली के शहाबगंज में PHC कटवां माफी की हालत जस की तस बनी हुई है। चकिया विधायक कैलाश आचार्य के निरीक्षण के 3 दिन बाद भी बुधवार को प्रभारी और फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले।
विधायक निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरी PHC कटवां माफी
बुधवार को चिकित्सा प्रभारी और फार्मासिस्ट रहे अनुपस्थित
महिला चिकित्सक डॉ. मोनिका ही कर रही थीं इलाज
लैब टेक्नीशियन विजय चौरसिया बांट रहे थे दवाएं
ग्रामीणों ने नियमित डॉक्टर तैनाती की मांग की
चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लाक में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटवां माफी की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। चकिया विधायक के निरीक्षण और कार्रवाई की चेतावनी के बाद भी यहां की व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। बुधवार को भी स्वास्थ्य केंद्र पर वही पुरानी कहानी देखने को मिली। मरीज इलाज के लिए आ रहे थे, लेकिन उन्हें पूरा स्टाफ नहीं मिल रहा था। इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है।
बुधवार को भी प्रभारी और फार्मासिस्ट रहे नदारद
बुधवार को जब स्वास्थ्य केंद्र का हाल देखा गया, तो वहां सिर्फ महिला चिकित्सक डॉ. मोनिका कुमारी ही मौजूद थीं। वही आने वाले मरीजों को देख रही थीं और दवा लिख रही थीं। चिकित्सा प्रभारी चंद्रगुप्त और फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय केंद्र से गायब थे। फार्मासिस्ट नहीं होने की वजह से लैब टेक्नीशियन विजय कुमार चौरसिया को दो-दो काम करने पड़ रहे थे। विजय कुमार एक तरफ मरीजों का ब्लड जांच कर रहे थे, तो दूसरी तरफ डॉक्टर की लिखी पर्ची पर दवाएं भी बांट रहे थे। यह पूरी तरह से कामचलाऊ व्यवस्था है।
डॉक्टर ने दी ये सफाई, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
इस बारे में जब महिला चिकित्सक डॉ. मोनिका कुमारी से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि चिकित्सा प्रभारी चंद्रगुप्त की ड्यूटी बुधवार को शहाबगंज पीएचसी पर लगाई गई है। वहीं फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय सीएल यानी आकस्मिक छुट्टी पर हैं। लेकिन ग्रामीण इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यह कोई आज की बात नहीं है। यहां चिकित्सा प्रभारी और फार्मासिस्ट का गायब रहना आम बात हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था लंबे समय से खराब है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।
शनिवार को विधायक ने किया था औचक निरीक्षण
गौर करने वाली बात यह है कि बीते शनिवार को ही चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने इस पीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण ग्रामीणों की शिकायत के बाद किया गया था। निरीक्षण के दौरान भी चिकित्सा प्रभारी चंद्रगुप्त कई दिनों से अनुपस्थित मिले थे। फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय भी उस समय केंद्र पर मौजूद नहीं थे। विधायक ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया था। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात की थी। विधायक ने केंद्र पर नियमित चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती सुनिश्चित कराने को कहा था।
तीन दिन बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं
विधायक के निरीक्षण को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। बुधवार को भी वही अनुपस्थिति और वही कामचलाऊ व्यवस्था देखने को मिली। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गुस्सा है। लोगों का कहना है कि जब विधायक के कहने के बाद भी अधिकारी नहीं सुधर रहे हैं, तो आम आदमी की कौन सुनेगा। ग्रामीणों ने अब एक बार फिर मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी चिकित्सा प्रभारी और फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति की जांच करें। दोषियों पर कार्रवाई हो और केंद्र पर नियमित रूप से चिकित्सा प्रभारी और फार्मासिस्ट की तैनाती की जाए, ताकि गरीब मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।