चकिया के प्राथमिक विद्यालय तलरा में 9 बजे तक लटका रहा ताला, बच्चे गेट के बाहर खड़े रहे, BEO बोले- होगी सख्त कार्रवाई
प्राथमिक विद्यालय तलरा में लटका रहा ताला
निर्धारित समय पर नहीं खुला स्कूल
बच्चों को बाहर करना पड़ा इंतजार
आधा दर्जन शिक्षक फिर भी लापरवाही
खंड शिक्षा अधिकारी बोले - होगी कार्रवाई
वैसे तो प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। चकिया विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय तलरा में सोमवार को ऐसा ही मामला सामने आया। यहां विद्यालय खुलने के निर्धारित समय सुबह 9 बजे तक मुख्य गेट पर ताला लटका रहा। समय से स्कूल पहुंचने वाले बच्चे गेट के बाहर खड़े होकर स्कूल खुलने का इंतजार करते रहे। इस घटना ने शिक्षकों की समय से मौजूदगी और विभाग की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधा दर्जन शिक्षक, फिर भी स्कूल बंद
ग्रामीणों के अनुसार, इस प्राथमिक विद्यालय में लगभग आधा दर्जन शिक्षकों की तैनाती है। इतने शिक्षक होने के बाद भी अगर स्कूल समय पर नहीं खुल रहा है, तो यह गंभीर लापरवाही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब छोटे-छोटे बच्चे समय से पढ़ने के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं, तो उन्हें शिक्षकों का और स्कूल खुलने का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? बच्चों की पढ़ाई का कीमती समय इसी इंतजार में बर्बाद हो रहा है।
सरकारी दावों और हकीकत में अंतर
प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत जैसे कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद अगर स्कूल ही समय पर नहीं खुलेंगे, तो इन सभी प्रयासों का क्या मतलब रह जाता है। समय से स्कूल न खुलने पर बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित होती है। उनका पहला पीरियड खराब होता है और पढ़ाई का माहौल बिगड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए और स्कूलों का नियमित निरीक्षण हो।
खंड शिक्षा अधिकारी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मामले की जानकारी मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने कहा कि उन्हें इस घटना की सूचना मिली है। उन्होंने भरोसा दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि विभागीय जांच में क्या निकलकर सामने आता है और क्या सच में जिम्मेदार लोगों पर कोई एक्शन होता है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें
ग्रामीणों का कहना है कि चकिया विकासखंड में शिक्षकों की लेटलतीफी को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। प्राथमिक विद्यालय तलरा का ताजा मामला शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
फिलहाल, स्कूल देर से क्यों खुला, उस दिन कौन-कौन से शिक्षक समय पर आए और कौन लेट आया, इसकी असली तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार मामले की निष्पक्ष जांच होगी और बच्चों की पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।