मुजफ्फरपुर बीयर छलका पर जोखिम भरा सफर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
मुजफ्फरपुर बीयर छलका पर हर दिन जोखिम
फिसलन भरे रास्ते से बढ़ा हादसे का खतरा
सिंचाई विभाग के इंतज़ाम नदारद
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
चंदौली जनपद के चकिया के मुजफ्फरपुर बीयर के छलका पर आवागमन करने वाले लोग हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही और लोगों की जल्दबाजी के चलते यह स्थान हादसे का गढ़ बन चुका है। छलका से लगातार गिरते पानी के बीच लोग बाइक, साइकिल और पैदल गुजरते हैं। फिसलन भरे रास्ते पर मामूली असावधानी से बड़ा हादसा हो सकता है।
पुल होते हुए भी छलका से आवागमन
स्थानीय लोगों का कहना है कि छलका से कुछ ही दूरी पर बाईपास पुल बना हुआ है। बावजूद इसके लोग जल्दबाजी और लापरवाही के कारण छलका से होकर आवागमन करते हैं। यह जागरूकता का अभाव है। लगातार पानी गिरने से छलका पर काई जम चुकी है, जिससे फिसलन और अधिक खतरनाक हो गई है।
सुरक्षा इंतजाम नदारद
सिंचाई विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किए गए हैं। न तो दोनों किनारों पर दीवार या मजबूत वैरिकेडिंग बनाई गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन मिला।
विभाग का बयान
चंद्रप्रभा डिविजन के सहायक अभियंता ऋषभ राय ने बताया कि बड़े वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। वहीं बाइक और साइकिल सवारों को रोकने के लिए शीघ्र ही व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सावधानी बरतने के लिए संबंधित स्थान पर चेतावनी बोर्ड भी लगाया जाएगा।
लोगों की राय
- धीरज श्रीवास्तव (गरला): कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं निकला।
- जितेंद्र तिवारी (चकिया): बाईपास होने के बावजूद लोग छलका से गुजरते हैं। विभाग को चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए।
- अरविंद सिंह (नेवाजगंज): दोनों ओर बैरिकेडिंग और सूचना बोर्ड लगाना बेहद जरूरी है।
- दशरथ मौर्य (मुजफ्फरपुर): मामूली बरसात या चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़े जाने पर छलका से गुजरना जानलेवा है।
प्रशासन को उठाने होंगे ठोस कदम
मुजफ्फरपुर बीयर छलका पर सुरक्षा इंतजाम की कमी किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। वाहन चालकों और आमजन की लापरवाही स्थिति को और गंभीर बना रही है। प्रशासन और सिंचाई विभाग को तुरंत कार्यवाही कर बैरिकेडिंग, दीवार और चेतावनी बोर्ड लगाने होंगे। साथ ही लोगों को भी जागरूक होकर सुरक्षित मार्ग का चयन करना चाहिए।