SBI के ग्राहक सेवा केन्द्र में फर्जी अंगूठा लगाकर निकाले गए लाखों रुपये, पीड़ित महिलाओं का हंगामा
 

महिलाओं का कहना है कि यह धोखाधड़ी दो-तीन महीने पहले सामने आई थी, लेकिन बैंक प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
 

एसबीआई सीएससी से लाखों का गबन

आक्रोशित महिलाओं ने बैंक में जड़ा ताला

बैंक परिसर में अफरातफरी के बाद बुलायी गयी पुलिस 

चंदौली जिले के शहाबगंज कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) में बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दर्जनों महिलाओं के खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी के आरोप लगने के बाद शुक्रवार को आक्रोशित महिलाओं ने बैंक के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना से बैंक परिसर में अफरातफरी मच गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

फर्जी अंगूठा लगाकर निकाले गए लाखों रुपये
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि सीएससी संचालक ने उनके खातों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। कई महिलाओं ने सीएससी में पैसे जमा कराए थे, लेकिन जब उन्होंने अपने खाते की जानकारी ली, तो पाया कि उनकी जमा राशि गायब हो चुकी है या उसमें भारी कटौती हो चुकी है। कुछ महिलाओं के तो पूरे पैसे ही खाते से निकाल लिए गए थे, जबकि उन्होंने कोई निकासी नहीं की थी। महिलाओं का आरोप है कि सीएससी संचालक ने फर्जी तरीके से उनके अंगूठे का इस्तेमाल कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

बैंक प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
महिलाओं का कहना है कि यह धोखाधड़ी दो-तीन महीने पहले सामने आई थी, लेकिन बैंक प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बैंक की तरफ से सिर्फ आश्वासन दिया गया, जिससे महिलाओं का गुस्सा बढ़ता चला गया। शुक्रवार की सुबह, जब उनका धैर्य जवाब दे गया, तो वे बड़ी संख्या में बैंक पहुंचीं और विरोध स्वरूप बैंक के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। उन्होंने बैंक कर्मियों को ताला खोलने से भी रोका और आरोपी सीएससी संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए बैंक प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पुलिस ने हस्तक्षेप कर सुलझाया मामला
इस घटना की सूचना मिलते ही उप निरीक्षक संगम दुबे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को शांत करने का प्रयास किया और उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपी सीएससी संचालक के खिलाफ गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के समझाने और कार्रवाई का भरोसा देने के बाद ही महिलाओं ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया और बैंक का ताला खोला।

बैंक अधिकारियों का आश्वासन
इस मामले पर शाखा प्रबंधक जय कुमार ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार को सीएससी के डायरेक्टर बैंक शाखा में आएंगे और जल्द ही इस मामले का निपटारा कर दिया जाएगा। हालांकि, महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनके पैसे वापस नहीं मिले और आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे दोबारा बैंक पर ताला लगा देंगी। इस विरोध प्रदर्शन में फेकना देवी, नीरा, सावित्री, माधुरी, जैरुन, दुर्गा, मुन्नी, उषा देवी, राधिका, झरिया और आशा कुमारी सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद थीं।

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सीएससी की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह की धोखाधड़ी से आम लोगों का बैंक पर से विश्वास उठ सकता है, इसलिए बैंक और प्रशासन को इस मामले में तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।