शहाबगंज ब्लॉक में गूंजा नारा- हर बच्चा पहुंचे स्कूल: 12 जून तक 8 पंचायतों को बाल श्रम से आजादी दिलाने का संकल्प
चंदौली को साल 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए शहाबगंज ब्लॉक की 8 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। अधिकारियों और प्रधानों ने बैठक कर हर बच्चे का स्कूल में दाखिला कराने का बड़ा फैसला लिया है।
चंदौली को बाल श्रम मुक्त बनाने की पहल
शहाबगंज की आठ ग्राम पंचायतें चयनित
छह से चौदह वर्ष के बच्चों का होगा नामांकन
बारह जून तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प
ब्लॉक बाल कल्याण समिति की अहम बैठक
आकांक्षी जनपद चंदौली को साल 2026 तक पूरी तरह से बाल श्रम मुक्त घोषित करने की दिशा में विकासखंड शहाबगंज में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सोमवार को ब्लॉक सभागार में सहायक विकास अधिकारी अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक खास बैठक बुलाई गई। इस बैठक में विकासखंड की आठ प्रमुख ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
इन 8 ग्राम पंचायतों को किया गया है शॉर्टलिस्ट
प्रशासन की ओर से इस मुहिम के लिए शहाबगंज विकासखंड की आठ ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन पंचायतों में भोड़सर, कलानी, तियरा, सरैया, बसाढ़ी, सिहर, ठेकहा और बनरसिया शामिल हैं। बैठक में मौजूद श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश ने शासन की प्राथमिकताओं और 'बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान' की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सभी गांवों में पहले ही जमीनी स्तर पर बैठकें करके आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी।
जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद प्रस्ताव को हरी झंडी
बैठक के दौरान मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान तथा श्रम विभाग के प्रतिनिधि गणेश विश्वकर्मा ने ग्राम प्रधानों द्वारा हस्ताक्षरित और अनुमोदित प्रारूप, ग्राम बाल कल्याण संरक्षण समिति की कार्यवाही की विवरणिका और अन्य जरूरी दस्तावेज समिति के सामने रखे। इसके बाद अधिकारियों ने सभी कागजातों की बारीकी से जांच की और इस प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी।
6 से 14 साल के हर बच्चे का स्कूल में होगा दाखिला
सहायक विकास अधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र के 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों का स्कूलों में नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। ग्राम स्तर पर इसके लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाया जाएगा, जो लगातार नजर रखेगा। उन्होंने साफ किया कि समिति समय-समय पर बैठकें करके काम की समीक्षा करेगी और इस नेक काम में सभी विभागों के साथ मिलकर तालमेल बिठाया जाएगा।
12 जून तक लक्ष्य हासिल करने का लिया गया संकल्प
बैठक के आखिर में सभी उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि आगामी 12 जून तक शहाबगंज की इन 8 चयनित पंचायतों को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे जिले की 66 ग्राम पंचायतों को भी इस दायरे में लाकर बाल श्रम मुक्त घोषित कराने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी कमलाकांत, बाल विकास परियोजना की प्रतिनिधि श्वेता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम प्रधान मुन्ना भास्कर, सत्येन्द्र सिंह, सजाउद्दीन, मनोहर केशरी, ग्राम विकास अधिकारी साहब सिंह, चंद्रबली सिंह तथा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की शहनाज बानो, गणेश विश्वकर्मा और प्रीति शर्मा सहित कई लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।