ब्लॉक दफ्तर के बगल में खुला खेल: समय से पहले बंद मिला अरारी आंगनबाड़ी केंद्र, लटकता रहा ताला
चंदौली के अरारी गांव में ब्लॉक कार्यालय के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले ही बंद मिला। केंद्र के बरामदे में चारपाई रखी पाई गई। शासन के नियमों की अनदेखी पर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर कर जांच की मांग की है।
अरारी आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद
सरकारी भवन के बरामदे में रखी चारपाई
ब्लॉक दफ्तर के पास लापरवाही का मामला
सीडीपीओ ने आवश्यक कार्य का दिया हवाला
नियमित संचालन और जांच की मांग उठी
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत अरारी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बुधवार को अपने निर्धारित समय से पहले ही बंद पाया गया। हैरानी की बात यह है कि केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका हुआ था और उसके बरामदे में गांव के लोगों की चारपाई रखी हुई मिली। यह केंद्र विभाग के ब्लॉक कार्यालय के बिल्कुल पास ही स्थित है, फिर भी ऐसी लापरवाही सामने आने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियम ताक पर: 12 बजे से पहले ही लटका ताला
शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है। लेकिन बुधवार को तय समय पूरा होने से काफी पहले ही अरारी आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला जड़ दिया गया था। केंद्र के पास न तो कोई बच्चा नजर आया और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था। बरामदे में चारपाई रखे होने से यह भी साफ दिखा कि सरकारी भवन का इस्तेमाल निजी कामों के लिए हो रहा है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, उठाई जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन छोटे बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए करती है। ऐसे में केंद्र का समय से पहले बंद हो जाना सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य और पोषण से खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित कराया जाए और सरकारी इमारत के निजी इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कड़ी निगरानी की जाए।
सीडीपीओ ने दिया सफाई में ये तर्क
जब इस पूरे मामले पर सीडीपीओ आनंद सिंह से बात की गई तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कार्यालय में कुछ बहुत जरूरी काम आ गया था। इसी आवश्यक कार्य की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र को निर्धारित समय से थोड़ा पहले बंद करना पड़ा था।
निगरानी व्यवस्था पर खड़े हो रहे बड़े सवाल
सीडीपीओ की सफाई के बाद भी कई सवाल बने हुए हैं। अगर विभागीय काम की वजह से केंद्र बंद किया गया था, तो इसकी पूर्व सूचना बच्चों के अभिभावकों या ग्रामीणों को क्यों नहीं दी गई? इसके अलावा सरकारी भवन के बरामदे में चारपाई रखे होने पर भी जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी सवालिया निशान लगाती है। ग्रामीणों ने अब पूरे मामले की जांच कराकर केंद्र को समय से चलवाने की मांग की है।