खेतों में बिछा 'मौत का जाल': शहाबगंज में बिजली विभाग की लापरवाही से दहशत में किसान, लटकते तारों से बढ़ा हादसे का डर
शहाबगंज के बेन-धरौली मार्ग पर बिजली विभाग की अनदेखी राहगीरों और किसानों पर भारी पड़ रही है। खेतों के ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार और झुके हुए खंभे कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार
खेतों में लटकते जर्जर बिजली तार
करमेंडीह हनुमान मंदिर मार्ग पर खतरा
बिजली विभाग की घोर उदासीनता
किसानों और पशुपालकों की जान पर संकट
चंदौली जनपद अंतर्गत शहाबगंज विकासखंड का एक प्रमुख मार्ग इन दिनों बिजली विभाग की घोर लापरवाही का प्रतीक बन गया है। बेन धरौली मार्ग से खिलची गांव के समीप खेतईपुर पुलिया होते हुए करमेंडीह स्थित हनुमान मंदिर तक जाने वाला रास्ता राहगीरों और किसानों के लिए 'मौत का सफर' साबित हो रहा है। इस पूरे क्षेत्र में बिजली के खंभे आधार से उखड़कर खतरनाक तरीके से झुक गए हैं। सबसे डरावनी स्थिति 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइनों की है, जो कई स्थानों पर जमीन के इतने करीब लटक रही हैं कि उन्हें हाथ से छुआ जा सकता है।
किसानों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा दांव पर
स्थानीय किसान रामअवध सिंह, सोनू सिंह और महेंद्र सिंह सहित कई ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जर्जर लाइनों के कारण खेतों में काम करना दूभर हो गया है। करमेंडीह हनुमान मंदिर की महत्ता के कारण इस मार्ग पर श्रद्धालुओं का भी निरंतर आवागमन रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज हवा या बारिश के दौरान ये तार और नीचे आ जाते हैं, जिससे न केवल इंसानों बल्कि मवेशियों की जान पर भी हर पल खतरा मंडराता रहता है। कई बार मवेशी इन तारों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं, लेकिन विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
शिकायतों के बाद भी विभाग की नींद नहीं खुली
क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बारे में बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालय और संबंधित अधिकारियों को दर्जनों बार अवगत कराया गया है। इसके बावजूद, अब तक केवल आश्वासनों के अलावा धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण उनकी फसल और जान दोनों खतरे में हैं। यदि समय रहते इन खंभों को सीधा नहीं किया गया और तारों की ऊंचाई दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र में कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
अवर अभियंता का पक्ष और मरम्मत का आश्वासन
इस गंभीर समस्या के संबंध में जब विभाग का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो अवर अभियंता (JE) विनोद कुमार ने अपनी सफाई में कहा कि बरसात के मौसम में मिट्टी गीली हो जाने के कारण खंभों की पकड़ ढीली हो गई है, जिससे वे झुक गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू करेगा और झुके हुए खंभों के साथ-साथ लटकते तारों को भी पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि विभाग कब तक अपनी सुस्ती त्याग कर किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।