विकास खंड कार्यालय की जर्जर छत, प्लास्टर गिरने से कर्मचारी सहमे

कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि स्थिति की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक निरीक्षण के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
 

बरसात में विकास खंड कार्यालय की छत बनी खतरा

1972 में बना भवन अब पूरी तरह जर्जर

आए दिन गिर रहा है प्लास्टर

कर्मचारियों में दहशत

चंदौली जिले के शहाबगंज में बरसात के मौसम में शहाबगंज विकास खंड कार्यालय की जर्जर छत कर्मचारियों और आने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा बन गई है। आए दिन छत का प्लास्टर गिरने की घटनाओं से कर्मचारी दहशत में काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि 1972 में निर्मित यह भवन अब अपनी उम्र पूरी कर चुका है। चार दशक से अधिक पुराने इस भवन में अब तक कोई बड़ा मरम्मत कार्य नहीं हुआ, जिसके चलते छत और दीवारें कमजोर हो गई हैं। कई कमरों में प्लास्टर झड़कर जमीन पर गिर रहा है। बारिश के दौरान सीलन और पानी के रिसाव की समस्या बढ़ जाती है, जिससे फाइलें और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखना भी चुनौती बन गया है।

कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि स्थिति की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक निरीक्षण के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

ग्रामीण भी खतरे में
खण्ड विकास कार्यालय विकास कार्यों और योजनाओं के संचालन का केंद्र है, जहां रोजाना दर्जनों ग्रामीण अपनी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए आते हैं। भवन की जर्जर हालत से न केवल कर्मचारियों बल्कि आमजन की सुरक्षा भी खतरे में है।

बीडीओ का आश्वासन
इस संबंध में बीडीओ दिनेश सिंह ने कहा कि भवन की जर्जर छत का मरम्मत कार्य शीघ्र कराया जाएगा, ताकि कर्मचारियों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।