बेन-धरौली नहर में कुलावे जाम होने पर भड़के किसान, सिंचाई विभाग ने ठेकेदार को मौके पर दौड़ाया; जल्द शुरू होगा काम

 

चन्दौली के शहाबगंज ब्लॉक में बेन-धरौली नहर के दो कुलावे जाम होने से कई गांवों की सिंचाई बाधित हो गई है। किसानों के गुस्से के बाद सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ने ठेकेदार को टीम के साथ मौके पर भेजकर जल्द मरम्मत का भरोसा दिया है।

 
 

बेन-धरौली नहर के कुलावे हुए जाम

कई गांवों की सिंचाई व्यवस्था हुई प्रभावित

सड़क चौड़ीकरण के दौरान टेढ़े हुए कुलावे

किसान विकास मंच ने की खोलने की कोशिश

जेई दीपक मिश्रा ने दिए मरम्मत के निर्देश

चन्दौली जिले के शहाबगंज विकासखंड से किसानों की चिंता बढ़ाने वाली एक खबर सामने आई है। यहाँ की बेन-धरौली नहर में डड़ियां गांव के सामने लगे 6 इंच के तीन कुलावों में से दो कुलावे बुरी तरह जाम हो गए हैं। इसके चलते क्षेत्र के किसानों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और खिलची ड्रेन के माध्यम से खेतों तक होने वाली पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। धान की रोपाई और सिंचाई के इस मुख्य सीजन में पानी न मिलने से किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और उन्होंने सिंचाई विभाग के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है।

मंगलवार को जब ड्रेन से पानी की सप्लाई नहीं हुई, तो परेशान होकर किसान विकास मंच के कार्यकर्ता और स्थानीय किसान खुद ही डंडों और लंबे लोहे के रॉड की मदद से जाम कुलावों को खोलने के लिए नहर पर पहुंच गए। किसानों ने काफी देर तक मशक्कत की और जाम को हटाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। किसानों ने बताया कि करीब 10 से 15 दिन पहले भी उन्होंने अपने स्तर पर इसे खोलने की कोशिश की थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण कुलावे टस से मस नहीं हुए।

सड़क चौड़ीकरण के खेल में टेढ़े हो गए कुलावे, कई गांवों में संकट
स्थानीय किसानों ने बताया कि बेन-धरौली नहर से निकलने वाला पानी आगे चलकर खिलची ड्रेन (नाले) में गिरता है। इसी ड्रेन पर बने अलग-अलग रेगुलेटरों के माध्यम से खिलची, घोड़सारी, परमंदापुर, खखड़ा और पचपरा सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के खेतों की सिंचाई की जाती है। लेकिन कुछ समय पहले इलाके में हुए सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे दो कुलावे अंदर ही अंदर टेढ़े (टेपर) हो गए। कुलावों के मुड़ने की वजह से मिट्टी और कचरा फंस गया और वे पूरी तरह जाम हो गए, जिससे पानी का बहाव रुक गया।

किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने इस बदहाली को लेकर सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन पर समस्या से अवगत कराया। किसानों ने दो टूक शब्दों में मांग की कि या तो इन जाम कुलावों को तुरंत क्रेन या पोकलैंड मशीन से साफ करवाया जाए, या फिर इन्हें उखाड़कर तुरंत नए कुलावे लगाए जाएं ताकि फसलों को सूखने से बचाया जा सके।

जेई के निर्देश पर दौड़े ठेकेदार, जल्द काम शुरू होने का भरोसा
मामले के तूल पकड़ते ही और किसानों की नाराजगी को देखते हुए सिंचाई विभाग के अवर अभियंता (जेई) दीपक मिश्रा तुरंत एक्शन में आए। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को तत्काल फोन कर लेबर और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचने के कड़े निर्देश दिए। जेई के आदेश के बाद ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों ने डड़ियां गांव के पास जाकर घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया।

कर्मचारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण के कारण जो खराबी आई है, उसे ठीक करने के लिए जल्द ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा और पानी की सप्लाई बहाल होगी। इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से सरदार सिंह, सरकार सिंह, सुरेश मौर्य, श्यामलाल मौर्य, रामअवध सिंह और शंभूनाथ सिंह सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।