शहाबगंज में जय मां काली सेवा समिति ने आधा दर्जन ठिकानों पर जलाया अलाव, भीषण ठंड से मिली राहत
चंदौली के शहाबगंज में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए 'जय मां काली सेवा समिति' ने बड़ी राहत प्रदान की है। कस्बे के प्रमुख स्थलों पर अलाव जलाकर न केवल व्यापारियों बल्कि राहगीरों को भी ठिठुरन से बचाया गया।
जय मां काली सेवा समिति की पहल
शहाबगंज कस्बे में प्रमुख स्थलों पर अलाव
ठिठुरती ठंड और शीतलहर से राहत
व्यापारियों और राहगीरों के लिए मददगार
सेवा समिति के सामाजिक कार्यों की सराहना
चंदौली जनपद अंतर्गत शहाबगंज इलाके में इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर का प्रकोप चरम पर है। पारा गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसे देखते हुए शनिवार को 'जय मां काली सेवा समिति' ने एक सराहनीय कदम उठाया। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के सौजन्य से कस्बे के आधा दर्जन से अधिक प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार आने वाले व्यापारियों, दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों और ठिठुरन में ड्यूटी कर रहे सुरक्षाकर्मियों को तत्काल राहत प्रदान करना था।
प्रमुख केंद्रों पर मिली ठिठुरन से मुक्ति
समिति द्वारा कस्बे के उन स्थलों को चिन्हित किया गया जहां लोगों का आवागमन सबसे अधिक रहता है। इसके तहत शहाबगंज पुलिस बूथ, प्राचीन मां काली मंदिर परिसर, हनुमान मंदिर, पुराना यूनियन बैंक भवन, मुख्य बाजार क्षेत्र और प्राथमिक विद्यालय के पास अलाव की समुचित व्यवस्था की गई। अलाव जलते ही वहां लोगों का जमघट लग गया और ठंड से कांपते शरीर को राहत मिली। यह व्यवस्था देर रात तक जारी रही, जिससे कस्बे की सड़कों पर सन्नाटे के बावजूद यात्रियों और दुकानदारों को सहारा मिलता रहा।
क्षेत्रीय नागरिकों और व्यापारियों ने जताया आभार
जय मां काली सेवा समिति की इस निस्वार्थ सेवा भावना की समूचे कस्बे में मुक्तकंठ से सराहना की जा रही है। स्थानीय निवासी मनोज जायसवाल, शुभम, बबलू शर्मा, दीपक, पिंटू और सतीश सहित कई व्यापारियों ने समिति के इस कार्य को एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। लोगों का कहना है कि जब कड़ाके की ठंड में घर से निकलना दूभर हो रहा है, तब ऐसी संस्थाओं का आगे आना समाज में सकारात्मक संदेश फैलाता है। समिति के पदाधिकारियों ने भी विश्वास दिलाया है कि ठंड का प्रकोप बने रहने तक इस प्रकार की सेवा गतिविधियां निरंतर जारी रखी जाएंगी।