शहाबगंज के बड़गांवा में खुला मुफ्त आयुर्वेदिक कैंप: 70 ग्रामीणों की हुई मुफ्त जांच, बांटी गईं दवाएं
शहाबगंज राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की ओर से बड़गांवा पंचायत भवन में मुफ्त स्वास्थ्य और योग शिविर लगाया गया। डॉ. मोनिका मोहिनानी ने 70 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित कीं।
बड़गांवा पंचायत भवन में मुफ्त चिकित्सा शिविर
डॉ. मोनिका मोहिनानी ने किया मरीजों का उपचार
सर्दी, बुखार और जोड़ों के दर्द की मुफ्त दवाएं
योग प्रशिक्षक ने सिखाए स्वस्थ जीवन के प्रभावी नियम
ग्राम प्रधान गुलफाम अहमद 'मिक्कू' की रही उपस्थिति
चंदौली जनपद में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय शहाबगंज के तत्वावधान में शनिवार को क्षेत्र के बड़गांवा गांव स्थित पंचायत भवन के परिसर में एक दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए सुबह से ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस जनकल्याणकारी शिविर में दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने सबसे पहले अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कर उचित आयुर्वेदिक परामर्श दिया और गंभीर व सामान्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को संस्थान की तरफ से दवाओं का लाभ उपलब्ध कराया।
डॉ. मोनिका मोहिनानी ने किया 70 मरीजों का परीक्षण, बांटी गईं दवाएं
शिविर में मुख्य रूप से उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मोनिका मोहिनानी ने मरीजों की गहन स्वास्थ्य जांच की। उन्होंने आए हुए सभी स्त्री-पुरुषों और बुजुर्गों को विभिन्न रोगों से बचाव के लिए खान-पान और दिनचर्या से संबंधित महत्वपूर्ण परामर्श दिए। चिकित्सीय परामर्श के उपरांत अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को आवश्यक और उच्च गुणवत्तायुक्त आयुर्वेदिक दवाओं का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस शिविर के दौरान कुल 70 मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराकर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ उठाया। कैंप में आए अधिकांश मरीजों में मौसम के बदलाव के कारण होने वाली सर्दी, खांसी, वायरल बुखार, बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द, पेट संबंधी पुरानी समस्याएं तथा अन्य सामान्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल रहे, जिन्हें मौके पर ही उपचार दिया गया।
योग प्रशिक्षक ने सिखाए प्राणायाम के गुण, नियमित अभ्यास पर दिया जोर
चिकित्सा सत्र के साथ-साथ इस शिविर में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें मौजूद योग प्रशिक्षक ने उपस्थित ग्रामीणों को मानव जीवन में योग और ध्यान के महत्व के बारे में विस्तार से व्यावहारिक जानकारी दी। योग शिक्षक ने ग्रामीणों को मंच पर बुलाकर विभिन्न योगासनों और प्राणायाम की बारीकियों का अभ्यास कराया।
योग प्रशिक्षक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दैनिक जीवन में नियमित योग एवं संतुलित खान-पान की जीवनशैली को अपनाकर हम कई असाध्य बीमारियों से खुद का बचाव कर सकते हैं। योग करने से न सिर्फ शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी काफी बेहतर होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग केवल रोगों के उपचार का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह सुखी और स्वस्थ जीवन जीने की एक प्राचीन और प्रभावी पद्धति है।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ ग्रामीण रहे मुस्तैद
शिविर के समापन सत्र में ग्रामीणों को पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के दीर्घकालिक लाभों और घरेलू नुस्खों के बारे में भी जागरूक किया गया। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्राम प्रधान गुलफाम अहमद उर्फ ‘मिक्कू’ ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके साथ ही चिकित्सालय के वरिष्ठ फार्मासिस्ट जितेंद्र पांडेय, योग शिक्षक बासुदेव, कृष्ण कुमार रावत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य जिम्मेदार पैरामेडिकल कर्मचारी और बड़ी संख्या में बड़गांवा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस प्रकार के आयोजन को बेहद मददगार बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कैंप लगाने की मांग की है।