कुसहां गांव में मंडरा रहा मौत का साया: 3 साल से लटके हैं बिजली के 9 खंभे, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

 

शहाबगंज के कुसहां गांव में पिछले 3 साल से बिजली के 9 खंभे खतरनाक तरीके से लटके हुए हैं। रोपाई के मौसम में खेतों में करंट उतरने के डर से किसान बेहद तनाव में हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है।

 
 

3 साल से लटके 9 खंभे

मंडरा रहा बड़ा जानलेवा खतरा

धान की रोपाई पर संकट गहराया

इलिया पावर हाउस घेराव की चेतावनी

चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कुसहां गांव में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां गांव के दक्षिण-पूर्व सिवान (खेतों) से होकर गुजरने वाली मुख्य बिजली लाइन के 9 खंभे पिछले 3 साल से खतरनाक तरीके से लटके हुए हैं। हालत यह है कि खेतों में कभी भी कोई भयंकर जानलेवा हादसा हो सकता है, जिससे ग्रामीणों और किसानों में भारी डर का माहौल है।

हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या से किसानों ने बिजली विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इन लटके हुए खंभों की बिजली से ही गांव के समर्सिबल, स्थानीय स्कूल और मंदिर को सप्लाई मिलती है। ऐसे में अगर लाइन टूटती है, तो पूरी व्यवस्था ठप हो जाएगी।

धान की रोपाई का समय नजदीक, करंट के डर से खेत जाने से डर रहे किसान
किसान विकास मंच के नेता मिथिलेश सिंह और सुजीत तिवारी ने बताया कि इस समय धान की रोपाई का सीजन बिल्कुल करीब आ चुका है। ऐसे में किसानों को दिन-रात खेतों में ही काम करना पड़ता है। अगर इन जर्जर खंभों को तुरंत सीधा और दुरुस्त नहीं किया गया, तो पानी से भरे खेतों में जाना किसी सुसाइड (आत्महत्या) करने से कम नहीं होगा।

किसानों ने बताया कि सिर्फ रोपाई ही नहीं, बल्कि हर साल धान और गेहूं की कटाई (हार्वेस्टिंग) के समय भी इन लटके तारों से चिंगारी निकलने और खेतों में आग लगने की आशंका बनी रहती है। इस वजह से किसान हमेशा भारी मानसिक तनाव में जीते हैं। यह ढीले तार किसी भी इंसान या सीधे-साधे मवेशी के लिए पल भर में जानलेवा साबित हो सकते हैं।

बिजली अधिकारियों को अल्टीमेटम, काम न शुरू हुआ तो इलिया पावर हाउस का होगा घेराव
मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह और सहायक अभियंता को पूरे मामले की हकीकत बताई। इसके साथ ही उन्होंने अवर अभियंता विनोद यादव से फोन पर दो टूक शब्दों में कहा कि खेतों में तत्काल काम लगाइए, वरना एक बार जब बरसात में खेत पानी से डूब जाएंगे, तो कोई भी उपाय काम नहीं करेगा।

संगठन मंत्री ने बकायदा एक वीडियो क्लिप जारी कर विभाग को चेतावनी दी है कि इसके बाद अगर कोई भी अप्रिय घटना या अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ बिजली विभाग की होगी। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि विभाग तुरंत कार्रवाई शुरू करे, वर्ना इसके खिलाफ जिलाधिकारी को शिकायत सौंपी जाएगी और इलिया पावर हाउस का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर सुजीत तिवारी, प्रेमनाथ तिवारी, मिथिलेश सिंह और अजय तिवारी सहित कई किसान उपस्थित रहे।