नालियां जाम, दुकानों पर सन्नाटा: लेवा-इलिया मार्ग के व्यापारियों ने जलभराव को लेकर DM से लगाई सफाई की गुहार

 

चंदौली के शहाबगंज कस्बे में नालियों की सफाई न होने से लेवा-इलिया मार्ग टापू बन गया है। जलजमाव के कारण राहगीरों का चलना दूभर हो गया है और दुकानों पर सन्नाटा पसरने से व्यापारियों का धंधा ठप है।

 
 

हल्की बारिश में डूबी सड़क

शहाबगंज लेवा मार्ग बना तालाब

जाम नालियों से बढ़ी आफत

दुकानों पर पसरा सन्नाटा

व्यापारी नेता ने की मांग

चंदौली जिले के शहाबगंज स्थानीय कस्बे के पास से गुजरने वाले शहाबगंज-लेवा इलिया मार्ग पर जलभराव की समस्या गंभीर हो चुकी है। मानसून की शुरुआती और हल्की बारिश के बाद ही इस प्रमुख सड़क पर घुटनों तक पानी जमा हो जाता है। कहने को तो सड़क के दोनों तरफ पक्की नालियां बनाई गई हैं, लेकिन लंबे समय से इनकी सफाई न होने की वजह से ये पूरी तरह चोक पड़ी हैं।

राहगीर परेशान, कपड़ों पर उड़ता है कीचड़
पानी की सही निकासी न होने की वजह से बरसात का सारा गंदा पानी सड़क पर ही फैल जाता है, जिससे यह पूरा मार्ग किसी तालाब जैसा नजर आने लगता है। यहां से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं। कई बार तेज रफ्तार गाड़ियां सड़क पर जमा गंदे पानी को पैदल चलने वालों पर उड़ा देती हैं, जिससे राहगीरों के कपड़े खराब हो जाते हैं और आए दिन नोकझोंक होती है।

बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों की बढ़ी आफत
इस जलजमाव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। महिलाओं और बच्चों को गंदे बदबूदार पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, पानी के नीचे सड़क के गड्ढे न दिखने के कारण बुजुर्गों और बाइक सवारों के फिसलकर गिरने तथा चोटिल होने का खतरा हर समय बना रहता है।

धंधा हुआ चौपट, दुकानों पर सन्नाटा
सड़क पर पानी भरे रहने के कारण आसपास के दुकानदारों का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जलभराव और कीचड़ की वजह से ग्राहक दुकानों तक नहीं आ पा रहे हैं, जिससे दुकानों पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहता है। यह मार्ग शहाबगंज को कई मुख्य गांवों से जोड़ता है और रोज हजारों लोग यहां से आते-जाते हैं, लेकिन लापरवाही के कारण यह रास्ता आफत बन चुका है।

व्यापारियों ने डीएम से की त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की। लेकिन संबंधित विभाग ने सुध नहीं ली। कस्बे के वरिष्ठ नागरिक और व्यापारी नेता सुरेंद्र मोदनवाल ने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि बरसात के इस मौसम को देखते हुए तुरंत आपातकालीन स्तर पर जाम नालियों की सफाई कराई जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं की गई, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।