शहाबगंज पीएचसी में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा! पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुआ स्वास्थ्य कर्मियों का जर्जर मकान

 

चंदौली के शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आंधी के दौरान सरकारी आवास पर पेड़ गिरने से भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जर्जर दीवारों के बीच स्वास्थ्य कर्मी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

आंधी में क्षतिग्रस्त हुआ सरकारी आवास

जर्जर मकान में रहने को मजबूर

स्वास्थ्य कर्मियों में भारी डर का माहौल

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को दी सूचना

 चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड से स्वास्थ्य विभाग की एक बेहद डरावनी और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) परिसर में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी इन दिनों जर्जर हो चुके सरकारी आवासों में अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। बीते दिनों क्षेत्र में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान चिकित्सालय परिसर स्थित एक सरकारी आवास पर विशालकाय पेड़ गिर जाने से पूरा भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस हादसे के बाद से ही पीड़ित परिवारों और अन्य कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।

पेड़ गिरने से दीवारों में आईं गहरी दरारें, डर के साए में स्वास्थ्य कर्मी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी हरिद्वार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि चिकित्सालय परिसर के भीतर बने अधिकांश सरकारी आवास सालों पुराने हो चुके हैं और वर्तमान में बेहद जर्जर हालत में हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में आई तेज आंधी के दौरान एक भारी-भरकम पेड़ सीधे उनके आवास पर आकर गिर पड़ा। इस जबरदस्त झटके के कारण सरकारी भवन की दीवारें कई जगहों से चटक गईं और उनमें गहरी दरारें आ गईं। हरिद्वार ने बताया कि इस खौफनाक हादसे के बाद से वे अपने पूरे परिवार के साथ किसी तरह डर के साए में रात गुजारने को मजबूर हैं, क्योंकि छत और दीवारों के कभी भी ढह जाने का खतरा बना हुआ है।

कर्मचारियों ने जताई अनहोनी की आशंका, प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
अस्पताल परिसर में रहने वाले अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी गहरी चिंता और आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) या शासन द्वारा समय रहते इन भवनों की मरम्मत नहीं कराई गई या नए सुरक्षित आवासों की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो यहाँ कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।

इस पूरे संवेदनशील मामले पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शहाबगंज के प्रभारी डॉ. बीडी शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि चिकित्सालय परिसर के भीतर मौजूद सभी जर्जर भवनों और इस हालिया हादसे की पूरी वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से अवगत करा दिया गया है। विभाग से जल्द से जल्द आवश्यक बजटीय कार्रवाई और तत्काल मरम्मत कराने की मांग की गई है, ताकि यहाँ दिन-रात सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में आवास उपलब्ध कराया जा सके।