शहाबगंज PHC में सुबह 10 बजे तक नहीं पहुंचते हैं कोई डॉक्टर, भीषण गर्मी में तड़पते रहे मरीज
चंदौली के शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात 5 डॉक्टरों के बावजूद मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को सुबह 10 बजे तक अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे भड़के ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। पूरी खबर पढ़ें।
सुबह दस बजे तक गायब डॉक्टर
भीषण गर्मी में तड़पने को मजबूर
तैनात पांच डॉक्टरों की लेटलतीफी
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पूर्व में भी छपी थी खबर
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में चिकित्सकों के समय से न पहुंचने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार की सुबह अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही देखने को मिली। शासन द्वारा निर्धारित समय के बावजूद सुबह 10 बजे तक अस्पताल में कोई भी डॉक्टर अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिला। इस वजह से इलाज कराने पहुंचे क्षेत्रीय मरीजों को भीषण गर्मी के बीच घंटों तक लाइनों में लगकर भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इस बदइंतजामी से नाराज मरीजों और स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अस्पताल में तैनात हैं पांच डॉक्टर, फिर भी भीषण गर्मी में तड़प रहे हैं मरीज
शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत कुल पांच डॉक्टरों की तैनाती की गई है, ताकि स्थानीय जनता को त्वरित उपचार मिल सके। हालांकि, इस भारी-भरकम स्टाफ के बावजूद दूर-दराज के गांवों से आने वाले असहाय मरीजों को समय पर इलाज नसीब नहीं हो रहा है। उत्तर प्रदेश शासन के नियमानुसार अस्पताल खुलने का समय सुबह 8 बजे निर्धारित है, लेकिन यहां डॉक्टरों की नियमित लेटलतीफी से व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। मंगलवार को इलाज के लिए आए मरीज बृजराज, रवि कुमार, चंद्रकला देवी, मंजू, चंद्रावती, बिपिन और भानू ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे सुबह से ही काउंटर पर पर्चा लेकर खड़े थे, पर डॉक्टरों के केबिन खाली पड़े थे।
खबर छपने के बाद भी नहीं सुधरे हालात, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि अभी दो दिन पूर्व भी इस अस्पताल में चिकित्सकों की लेटलतीफी की खबर को मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बावजूद, उच्च अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की ओर से धरातल पर कोई प्रभावी या दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इसी ढुलमुल रवैए के कारण डॉक्टरों की बेलगाम कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हो रहा है। क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि इन लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ जल्द ही कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो आम जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
जिलाधिकारी और सीएमओ से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग
अस्पताल में नियमित रूप से हो रही डॉक्टरों की इस मनमानी से क्षेत्र के गरीबों का सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली से भरोसा उठता जा रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो घंटों तड़पने के बाद निजी क्लीनिकों में जाने को मजबूर हैं। क्षेत्र की जनता ने मामले का संज्ञान लेते हुए चंदौली के जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा ड्यूटी से गायब रहने वाले जिम्मेदार डॉक्टरों पर तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।