पशु तस्करी में वांटेड 25 हजार का इनामी नोएडा से गिरफ्तार, शहाबगंज पुलिस ने दबोचा

 

चंदौली की शहाबगंज थाना पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर सरवन कुमार को नोएडा (गौतमबुद्धनगर) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पहले से आधा दर्जन केस दर्ज हैं।

 
 

शहाबगंज पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

25 हजार का इनामी आरोपी नोएडा से अरेस्ट

गोवंश गाड़ियों के आगे चलकर करता था रेकी

आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं 6 मुकदमे

कासना की जे.आर.बी. इंटरप्राइजेज से हुई गिरफ्तारी

चंदौली जिले के शहाबगंज थाना पुलिस को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने गोवध निवारण अधिनियम के एक गंभीर मामले में काफी समय से फरार चल रहे और 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी को दिल्ली से सटे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शातिर आरोपी को गौतमबुद्धनगर (नोएडा) जनपद के थाना कासना क्षेत्र में स्थित जे.आर.बी. इंटरप्राइजेज कंपनी से घेराबंदी करके दबोचा और उसे चंदौली लाकर आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक (SP) के सख्त निर्देशन और थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस दुस्साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सरवन कुमार उर्फ श्रवण (उम्र 29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो चंदौली जिले के ही बलुआ थाना क्षेत्र के बसिला गांव का रहने वाला है। सरवन शहाबगंज थाने में साल 2025 में दर्ज मुकदमा संख्या 118/2025 में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और बीएनएस (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत वांछित चल रहा था। लगातार फरार रहने के कारण उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था।

गाड़ियों के आगे चलकर करता था पुलिस की रेकी
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी सरवन ने गोतस्करी के अपने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। उसने कुबूल किया कि वह अपने एक रिश्तेदार और दोस्त गोलू यादव के साथ मिलकर गोतस्करी के इस अवैध धंधे से जुड़ा हुआ था। उसका मुख्य काम गोवंश (गाय-बैलों) से लदे ट्रकों और वाहनों के आगे-आगे अपनी गाड़ी से चलना था। वह रास्ते की निगरानी (रेकी) करता था और आगे पुलिस की मौजूदगी की पल-पल की सूचना पीछे आ रहे तस्करों को देता था। रास्ता पूरी तरह से साफ होने का ग्रीन सिग्नल मिलने पर ही तस्कर गाड़ियों को पार कराते थे, जिन्हें बाद में बिहार ले जाकर ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।

पहले से दर्ज हैं गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के 6 मुकदमे
इस काम के बदले सरवन को नकद या सीधे बैंक खाते में उसका मोटा हिस्सा मिलता था। उसने यह भी माना कि वह कभी-कभी इस काले धंधे में आर्थिक मदद (फाइनेंस) भी करता था। हालांकि, उसने बताया कि अपने साथी गोलू यादव की मौत हो जाने के बाद उसने डर के मारे इस काम से दूरी बना ली थी और पहचान छुपाकर नोएडा में मजदूरी करने लगा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सरवन एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ चंदौली तथा बलुआ थानों में गोवध, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित कुल 6 आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं।

इस कामयाब गिरफ्तारी टीम में शहाबगंज थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के साथ उपनिरीक्षक राजेन्द्र नाथ सिंह, उपनिरीक्षक अमित मिश्रा, मुख्य आरक्षी इरशाद अंसारी, आफताब अहमद, नियाज अहमद, विपुल वर्मा और बृजेश कुमार शामिल रहे।