शहाबगंज में तीसरे दिन खत्म हुआ रिंकू भारती का आमरण अनशन, SDM विकास मित्तल और BDO ने मौके पर पहुंचकर शुरू कराया काम
रिंकू भारती का आमरण अनशन तीसरे दिन समाप्त हुआ
SDM विकास मित्तल और BDO ने मौके पर की वार्ता
डुमरी गांव की तीनों मांगों पर बनी सहमति
स्कूल रास्ता और दलित बस्ती नाली का काम शुरू
अधिकारियों ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन
चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लाक के डुमरी गांव में पिछले तीन दिनों से चल रहा आमरण अनशन आखिरकार बुधवार को खत्म हो गया। ग्राम संघर्ष समिति के नेतृत्व में रिंकू भारती आमरण अनशन पर बैठे थे। गांव की बुनियादी समस्याओं को लेकर यह अनशन शुरू किया गया था। बुधवार को प्रशासन हरकत में आया और मौके पर ही ग्रामीणों की मांगें मान ली गईं।
SDM और BDO खुद पहुंचे अनशन स्थल पर
बुधवार को उपजिलाधिकारी विकास मित्तल और खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह खुद अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर विस्तार से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों की तीनों मांगों पर सहमति जताई। सिर्फ कागज पर आश्वासन नहीं दिया, बल्कि मौके पर ही संबंधित काम शुरू करा दिया। इससे ग्रामीण संतुष्ट हो गए। काम शुरू होता देख रिंकू भारती ने भी अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया। अधिकारियों ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
ग्रामीणों की ये थीं तीन बड़ी मांगें
ग्रामीणों की पहली मांग गांव के विद्यालय तक जाने वाले रास्ते को बनवाने की थी। ग्रामीणों का कहना था कि बरसात में यह रास्ता पूरी तरह खराब हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कत होती है।
दूसरी मांग दलित बस्ती में नाली बनवाने की थी। नाली नहीं होने की वजह से गंदा पानी घरों के सामने जमा रहता है। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
तीसरी मांग डॉ. भीमराव आंबेडकर स्थल के लिए जमीन चिह्नित करने की थी। ग्रामीण लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।
मंगलवार को नहीं बनी थी बात
इससे पहले मंगलवार को भी प्रशासन ने कोशिश की थी। तहसीलदार देवेंद्र यादव और बीडीओ दिनेश कुमार सिंह अनशन स्थल पर पहुंचे थे। दोनों अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक रिंकू भारती से बातचीत की। विद्यालय के रास्ते और दलित बस्ती की नाली का खुद जाकर निरीक्षण भी किया। लेकिन मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। सिर्फ आश्वासन मिलने से रिंकू भारती संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अनशन जारी रखा।
बुधवार को एक्शन से माने ग्रामीण
बुधवार को एसडीएम विकास मित्तल के आने के बाद स्थिति बदली। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि तीनों काम प्राथमिकता पर कराए जाएंगे। आंबेडकर स्थल के लिए जमीन चिह्नित करने का जिम्मा लेखपाल को दिया गया। वहीं रास्ता और नाली के काम के लिए मजदूर और मशीन मौके पर लगा दी गई। काम शुरू होने के बाद गांव में संतोष का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताया है।
अनशन स्थल पर कई ग्रामीण रहे मौजूद
इस दौरान अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें नंदलाल, शिवशंकर, सवरू, सुनील, राम प्रताप, भगानू, तिलकू सहित ग्राम संघर्ष समिति के कई सदस्य शामिल थे।