शहाबगंज के उसरी में गूंजा 'स्कूल चलो' का नारा: रैली के जरिए ग्रामीणों को शिक्षा के प्रति किया जागरूक

चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक अंतर्गत उसरी गांव में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत भव्य रैली निकाली गई। ढोल-ताशों और नारों के साथ बच्चों ने ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व समझाया और शत-प्रतिशत नामांकन का संदेश दिया।

 
 

कंपोजिट विद्यालय उसरी में जागरूकता रैली का आयोजन

अनियमित और ड्रॉपआउट बच्चों के पुनः नामांकन पर जोर

बाल श्रम मिटाने और शिक्षा बढ़ाने का सामूहिक संकल्प

शिक्षा विभाग और स्वयंसेवी संस्था का संयुक्त प्रयास

चंदौली जिले के विकास खंड शहाबगंज स्थित कंपोजिट विद्यालय उसरी में मंगलवार को 'स्कूल चलो नामांकन अभियान' के तहत नई ऊर्जा देखी गई। शिक्षा विभाग और मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य गांव के हर बच्चे को स्कूल की दहलीज तक पहुंचाना है। रैली के माध्यम से पूरे गांव में शिक्षा की अलख जगाई गई।

गणमान्य अतिथियों ने दिखाई हरी झंडी
रैली का औपचारिक शुभारंभ पूर्व प्रधानाध्यापक भोला प्रसाद ने फीता काटकर किया। इस दौरान ग्राम प्रधान नंदकुमार और पंडित बच्चन महाविद्यालय के प्रबंधक अभिषेक पांडेय ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो ढोल-ताशों की थाप पर शिक्षा से संबंधित तख्तियां लेकर चल रहे थे।

बाल श्रम मिटाने और नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य
रैली का मुख्य मार्ग उसरी बस्ती से शाहपुर चौराहा रहा, जहाँ से भ्रमण करते हुए यह पुनः विद्यालय परिसर में संपन्न हुई। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य उन बच्चों को वापस स्कूल लाना है जो बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं (ड्रॉपआउट) या जिनका अभी तक नामांकन नहीं हुआ है। बच्चों ने "अब ना हो बाल श्रम का बोझ, हर बच्चा पढ़े हर रोज" जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से अभिभावकों को प्रेरित किया।

शिक्षकों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता
इस जागरूकता अभियान में विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक संदीप कुमार, प्रीति शर्मा, शिक्षिका शशि प्रभा, रानी चौरसिया, अमन कुमार, शशिकला पाण्डेय, आरती देवी और आंगनबाड़ी कार्यकत्री वीणा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है और बाल हितैषी वातावरण बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।